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Basti News: फाइलों में बंद कई खौफनाक राज अनसुलझे मामलों की बढ़ी फेहरिस्त

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बस्ती। शातिराना किस्म के अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस फेल होती जा रही है। इस वजह से रहस्यमयी मौत और दरिंदगी के अनसुलझे मामलों की फेहरिस्त बढ़ रही है। ऐसे मामलों के खुलासे में पुलिस के तंत्र कारगर साबित नहीं हो पा रहे हैं।
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हाल ही में परशुरामपुर थाने से लापता दरोगा की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत का राज खोलने में पुलिस अभी भी हिचकिचा रही है। इसी तरह हत्या और दरिंदगी से जुड़े तीन अन्य घटनाएं भी बिना खुलासे के पुलिस की फाइलों में बंद हो गई है। दरोगा अजय गौड़ के मौत का रहस्य से पर्दा धीरे- धीरे उठ रहा है। वैज्ञानिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर कड़ी से कड़ी जोड़ने के बाद पुलिस अब खुलकर खुदकुशी करने का दावा करने लगी है।
मगर इसके पहले की अनसुलझे हत्या और दरिंदगी से जुड़े तीन अन्य मामलों में पुलिस जहां की तहां खड़ी है। वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में जामवंत प्रकरण, मुंडेरवा थाना क्षेत्र का हरिकांत हत्याकांड और लालगंज थाना क्षेत्र में मासूम बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या किए जाने का मामला लंबे समय से दबा हुआ है। मुंडेरवा में हरिकांत हत्याकांड भी फाइल में दफन : मुंडेरवा थाना क्षेत्र का हरिकांत हत्याकांड भी अनसुलझा रह गया है। थाना क्षेत्र के छपिया लुटावन गांव निवासी हरिकांत गुप्ता की 3 मई 2025 की रात्रि को गला काट दिया गया था, वह खून से लतपथ अधकटा गला के साथ गंभीर हालत में अपने घर पहुंचे थे। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया, लेकिन एक वर्ष बीतने को हो रहे हैं पुलिस अभी इस घटना का खुलासा नहीं कर पाई है।
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परिजन मुख्यमंत्री तक से गुहार लगा चुके हैं। फिर भी मामला ठंडे बस्ते में चला गया। हरिकांत फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता था। वह घटना वाली रात अपने घर पर सो रहा था। किसी के फोन आने पर वह बिस्तर छोड़कर घर से बाहर गया और कुछ देर के बाद लहूलुहान होकर घर लौटा था।
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