उन लोगों ने कहा कि रास्ते में कुछ काम है। लोग कहते हैं कि शायद उनकी मौत उन्हें बुला रही थी। अशोक पुरानी बस्ती में एक कपड़े की दुकान पर काम करते थे। घर पर उनकी पत्नी, मां, बच्चे और परिवार के सभी सदस्य रो-रोकर बेहाल थे। उनकी आंखें सूज आई थीं। कुछ पूछने पर वे बिफर पड़ते थे।
इसे भी पढ़ें: बासमती हत्याकांड का पर्दाफाश: पड़ोसी युवक निकला हत्यारोपी, चोरी करते हुए रंगे हाथ पड़ा तो उतार दिया मौत के घाट
घटना के बाद बराती ज्यादातर घराती अपने-अपने घर चले गए थे। मगर कुछ खास रिश्तेदार और अन्य घनिष्ठ लोग शव के पास रुके रह गए। दूल्हे राम ललित रात में तो घर लौट आए थे लेकिन शुक्रवार को पोस्टमार्टम के समय वह भी सिद्धार्थनगर चले गए थे। पूरे मोहल्ले में लोग हतप्रभ हैं।
बता दें कि बलरामपुर जाते समय रात लगभग साढ़े दस बजे सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा से चार किलोमीटर पहले आनंदनगर के पास अशोक की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पेड़ में जा टकराई थी। जिसमें बाइक पर सवार अशोक और उनके दोस्त शिवा की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी होने पर दूल्हा सहित अन्य लोग घटना स्थल पर पहुंचे। अचानक माहौल बदल गया और वहीं से बरात वापस बस्ती लौट आई।