बस्ती। न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शिवचंद की अदालत ने गैरइरादतन हत्या के मामले में परदेशी निवासी घुरहूपुर थाना गौर को 10 वर्ष कठोर कारावास तथा 30 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड न देने की स्थिति में उसे चार माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
राजाराम निवासी घुरहूपुर ने 16 सितंबर 2011 को थानाध्यक्ष गौर को तहरीर दी थी। आरोप था कि 15 सितंबर 2011 की रात करीब 8:30 बजे उसका पटीदारी का भतीजा परदेशी शराब के नशे में आकर गाली-गलौज करने लगा। मना करने पर उसने राजाराम को लाठी से मारा। बचाने आए बेटे प्रकाश और बहू लखिया को भी पीट दिया। प्रसव पीड़ा के दौरान बहू ने मृत शिशु को जन्म दिया और उसकी भी मौत हो गई। राजाराम को भी गंभीर चोटें आई थीं। मामले की विवेचना पूरी कर पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने परदेशी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। संवाद