बस्ती। राज्यपोषण मिशन की ओर से कुपोषण से बचने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को गौर ब्लाक सभागार में ब्लाक विकास परियोजना की ओर से कार्यशाला का आयोजन कर ग्रामप्रधानों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जागरूक किया गया। मुुख्य अतिथि डीपीओ अनिल कुमार पांडेय रहे।
डीपीओ ने कहा कि कुपोषण का अर्थ पोषण की कमी है। यदि कोई बच्चा कुपोषित है तो उसकी शारीरिक और मानसिक वृद्धि प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि कुपोषण का अधिकतम प्रभाव गर्भ में पल रहे भ्रू्ण पर एवं जीवन के पहले दो वर्षों में पड़ता है। यदि समय रहते इसकी रोकथाम नहीं की गई तो बच्चे अपने वयस्क जीवन में अपूरणीय क्षति का शिकार हो सकते हैं और आने वाली पीढ़ियां भी प्रभावित हो सकती हैं।
कार्यशाला में ब्लाक प्रमुख अरविंद सिंह ने गांव की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। साथ ही स्वच्छता समिति के माध्यम से एएनएम व प्रधान नालियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराएं, जिससे संक्रामक बीमारियों से बचा जा सके। प्रमुख ने कहा कि खुली बैठक के माध्यम से सेक्रेटरी व प्रधान प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों का चयन करें। जिससे उन्हें योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य पोषण मिशन का मुख्य उद्देश्य बच्चों व महिलाओं में कुपोषण को कम करना है।
स्वास्थ्य विभाग के बीसीपीएम खेतांक सिंह ने कहा कि किशोरियाें एवं गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए। जिससे उनमें भयानक बीमारी न फैले। शिशु को जन्म से 6 माह तक केवल मां का ही दूध देना चाहिए। तीन वर्ष तक के बच्चों का प्रत्येक माह आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन कराना चाहिए। बच्चे को समय पर पूरे टीके लगवाए जाएं।
कार्यक्रम में बीडीओ प्यारे लाल, आरपी शाही, सीडीपीओ प्रेमवदा शुक्ला, एडीओ समाज कल्याण, बीएन सिंह, निशा श्रीवास्तव, कमला यादव, पूनम सिंह, उर्मिला सिंह, सुमन लता सिंह, ग्राम प्रधान अब्दुल मालिक, डॉ लक्ष्मी गुप्ता, सत्येंद्र सिंह, कंचन सिंह, अशर्फी यादव, कलाम, रणधीर सिंह, पारस यादव, विनोद पाल, अब्दुल मुतल्लिब, सुरज, राजेंद्र चौधरी, सुनीता सिंह आदि मौजूद रहे।