भारतीय संस्कृति में सृजन का केंद्र है महोत्सव
बस्ती। पौराणिकता को समेटे बस्ती महोत्सव-2020 का आगाज मंगलवार को दीप प्रज्ज्वलन और शंखनाद से हुआ तो हर कोई रोमांचित हो उठा। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष ह्दय नारायण दीक्षित ने महोत्सव को परिभाषित करते हुए पश्चिमी संस्कृति पर हमला बोला। कहा, दुनिया में ऐसी संस्कृति ही नहीं इसलिए महोत्सव भी नहीं होते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय संस्कृति ऐसी है जिसमें सृजन का उत्सव है। प्रत्येक ऋतुओं में सृजन के साथ उत्सव होता है। एक छोटा सा घर भी क्यों न लोग बनवाएं, वहां सत्य नरायण भगवान की कथा जरूर होती है। यही लोक आनंदित करने वाली संस्कृति ही महोत्सव है। यही कारण है कि यहां दर्शन, नीति, पर्वों का सम्यक विकास हुआ है। पश्चिमी संस्कृति पर हमला करते हुए कहा कि इस संस्कृति में खुश होने पर आयोजन होता है, जिसमें मदिरा आदि का प्रयोग होता है उसे पार्टी कहते हैं। इसका अंधा अनुकरण अवसाद देता है, जो आधुनिक सभ्यता की बीमारी है। बस्ती की विशिष्टता को याद करते हुए कहा कि यहां से साहित्य के नगीना शिखर पुरुष रामचंद्र शुक्ल, डॉ. सर्वेश्वर दयाल सक्सेना को कौन नहीं जानता। इनकी रचनाओं, आलोचनाओं में सीख छिपी है। इसके विपरीत पश्चिम के सेक्सपीयर के नाटकों में नायक द्वंद्व में अंत तक फंसा रहता है। ऐसा नायक अंत में आत्महत्या करता है। ऐसे में हमारी संस्कृति की उत्कृष्टता ही है कि लोग भारत की तरफ उन्मुख होते हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित बस्ती महोत्सव में उद्घाटन समारोह को भाजपा सांसद हरीश द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक दयाराम चौधरी, रवि सोनकर, चंद्र प्रकाश शुक्ल, अजय सिंह, मिल्कीपुर के विधायक गोरखनाथ बाबा, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश शुक्ला ने भी संबोधित किया। इससे पहले डीएम एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष आशुतोष निरंजन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महोत्सव की पृष्ठिभूमि एवं इतिहास पर प्रकाश डाला। सीडीओ अरविंद पांडेय ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रूपम मिश्रा, आईजी आशुतोष कुमार, एसपी हेमराज मीणा, एडीएम रमेश चंद्र, ज्वाइंट मजिस्टेट प्रेम प्रकाश मीना, सपा नेता रामप्रसाद चौधरी, भाजपा नेता अजय सिंह गौतम, पवन कसौधन, भावेश आदि मौजूद रहे।
सांसद ने चलाए शब्दभेदी बाण
महोत्सव के शुभारंभ की पूर्व संध्या पर सत्ताधारी दल के विधायक का बगावती तेवर उद्घाटन मंच पर चर्चा का विषय बना रहा। सांसद हरीश द्विवेदी ने बिना नाम लिए इशारों में ही शब्दभेदी बाण चलाए। कहा कि युगों-युगों से चला आ रहा है कि जब भी कोई शुभ कार्य होते हैं तो कुछ विघ्न-बाधा डालने वाले भी होते हैं। इसलिए उनकी परवाह किए बिना कार्यक्रम को भव्यता के साथ आगे बढ़ाया जाए।
विधानसभा अध्यक्ष ने देखी प्रदर्शनी
महोत्सव परिसर में लगी प्रदर्शनी को विधानसभा अध्यक्ष ह्दय नारायण दीक्षित ने देखी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि विभाग, वन विभाग, रेशम विभाग, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य पालन, अग्रणी जिला बैंक एवं ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान, अल्पसंख्यक कल्याण, महिला कल्याण, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टहार, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जिला नगरीय अभिकरण, उद्योग आदि विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।