बस्ती। भीषण गर्मी में शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। कई-कई मोहल्लों में चौबीस घंटे लो-वोल्टेज की समस्या है। घरों में लगे एसी, कूलर नहीं चल पा रहे हैं। पंखे रेंगते हुए नजर आ रहे हैं। कभी हाई वोल्टेज, कभी लो-वोल्टेज का परेशान कर रहा है। रात की नींद गायब हो रही है तो दिन का सुख चैन भी छिन जा रहा है। वहीं बिजली के अनियमित प्रवाह से बल्व, पंखे, फ्रिज जैसे इलेक्ट्रिक यंत्र भी खराब हो जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान तक उठाना पड़ रहा है।
इन दिनों सुचारू विद्युत आपूर्ति के दावे फेल हो गए है। भीषण गर्मी में लोड बढ़ते ही ट्रांसफार्मर नियमित आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। पसीने से तरबतर लोगों का घरों में रहना दुश्वार है। ऐन मौके पर बिजली साथ छोड़ दे रही है। विभाग के दस्तावेज में कटौती शून्य है। लेकिन निर्वाध आपूर्ति शहर में कहीं नहीं हो रही है। कभी लोकल फाल्ट तो कभी लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। शहर के गांधीनगर, पुरानी बस्ती, बड़ेवन, मड़वानगर, मालवीय रोड, पटेल चौक आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति के लिए 33 केवी के छह विद्युत उपकेंद्र बनाए गए हैं। लेकिन सभी जगहों पर इस तरह की शिकायतें आम हो गई है। रात में लोड बढ़ने के दौरान अक्सर वोल्टेज कम हो जा रहा है। एसी, कूलर नहीं चल पा रहे हैं। लोग घरों से निकलकर बाहर आ जा रहे हैं। कुछ देर बाद वोल्टेज बढ़ने पर फिर अंदर हो रहे हैं तो कुछ देर के बाद फिर वहीं समस्या आ रही है। इस अव्यवस्था में पूरी रात नींद नहीं आ रही है। कमोवेश दिन में भी यहीं हाल है। जब-तब बिजली भी गुल हो जा रही है। लोकल फाल्ट ठीक होने पर ही बिजली आ रही है। शहर के मंगला कालोनी, पिकौरा शिवगुलाम, पिकौरा दत्तूराय, रौतापार, पक्के, तुरकहिया, आवास विकास, मंगल बाजार आदि मोहल्लों में इस समस्या से उपभोक्ताओं को जूझना पड़ रहा है। महिलाओं, बच्चों का और बुरा हाल है। गर्मी से बेहाल लोग विभाग को कोस रहे हैं। विभागीय जिम्मेदार लोड बढ़ने का तर्क देकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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हरियाली न होने से तप रहा है कंकरीट का शहर
शहर चौतरफा कंकरीट से घिरा हुआ है। सड़कों पर छोटे-बड़े वाहनों की भरमार हर समय है। अधिकांश घर, दफ्तर और वाहन वातानुकूलित है। जिससे विषैली गैस निकलती है। वायुमंडल में चौतरफा प्रदूषण ही फैल रहा है। शहर में पर्याप्त हरियाली नहीं है। पेड़ पौधों की कमी ने गर्मी बढ़ा दी है। जलाशय भी यहां न के बराबर है। ऊपर से तापमान भी चढ़ा हुआ है। इन दिनों अधिकतम 42 से 43 डिग्री तक तापमान दर्ज किया जा रहा है। ऐसे में बिना पंखे, कूलर, एसी के गर्मी से राहत मिल पाना कठिन है। इस मौसम में शहर की अपेक्षा गांव बेहतर है। वहां पर्यावरण में गिरावट कम है। इसलिए रात में ठंड महसूस किया जा रहा है। -डाॅ. रघुवर पांडेय, पर्यावरण विद्।
लो-वोल्टेज की समस्या पूरी रात बनी रही। बीच-बीच में बिजली भी कट जा रही है। एसी, कूलर छोड़िए पंखा भी नहीं ठीक से चल रहा है। पूरी रात नींद नहीं आई। विद्युत विभाग को मौसम को देखते हुए पहले से सतर्क होना चाहिए। उपभोक्ताओं की सुविधा के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। -सोनी शुक्ला, पिकौरा शिवगुलाम।
विभाग की पूरी सक्रियता बिजली बिल वसूलने तक है। दस हजार से ऊपर का बकाया होने पर कनेक्शन काट दिया जा रहा है। बावजूद इसके उपभोक्ताओं की सुविधा का कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। इन दिनों बिजली की आवश्यकता ज्यादा है। लेकिन विभाग को कोई परवाह नहीं है। लो-वोल्टेज और कटौती की वजह से घरों में रहना मुश्किल है। गर्मी से हम सभी बेहाल है। -आरती त्रिपाठी, तुरकहिया।
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ओवरलोड हो रहे ट्रांसफार्मर के आखिरी छोर पर स्थित उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शहर के 11 मोहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। जहां तक लोकल फाल्ट की समस्या है तो सूचना मिलने पर इसे तुरंत ठीक कराया जा रहा है।
-मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, नगरीय।