जिले के जनादेश ने राजनीति के पंडितों को भी आश्चर्य में डाल दिया है। यहां पांचों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। इसमें रुधौली और सदर विधानसभा क्षेत्र में तो कमल पहली बार खिला है। सपा सरकार में राज्यमंत्री और दो पूर्व कैबिनेट मंत्रियों को मतदाताओं ने सिरे से नकार दिया।
शनिवार को मंडी समिति में सुबह आठ बजे जब मतों की गणना शुरू हुई तो परिसर में भारी भीड़ थी, लेकिन 11 बजे रुझानों में भाजपा की बढ़त देखते ही धीरे-धीरे अन्य सभी प्रत्याशियों के समर्थक निकल गए। लोगों को सबसे ज्यादा इंतजार सूबे के युवा, खेलकूद व आबकारी राज्यमंत्री रामकरन आर्य के क्षेत्र महादेवा व पूर्व कैबिनेट मंत्रियों हर्रैया से राजकिशोर सिंह तथा कप्तानगंज से बसपा के रामप्रसाद चौधरी के परिणामों का लेकर था। महादेवा सुरक्षित से भाजपा के रवि कुमार सोनकर शुरू से ही बढ़त पर रहे। अंतिम चरण का परिणाम भी रवि सोनकर के पक्ष में रहा। सोनकर को 82429 वोट मिले, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे बसपा के दूधराम को 56545 वोट मिले। प्रदेश के मंत्री राम करन आर्य 47914 मत ही प्राप्त कर सके। 25874 वोटों से रवि ने विजय पताका फहराई।
पूर्व कैबिनेट मंत्री राज किशोर सिंह का किला भी कमल की सुनामी में ढह गया। वह 2002 से लगातार हर्रैया का नेतृत्व कर रहे थे। इस बार भाजपा के अजय कुमार सिंह ने 30106 वोटों से उन्हें पटखनी दी। अजय सिंह को 97014, जबकि राज किशोर सिंह को कुल 66908 मत मिले। यहां बसपा के प्रत्याशी विपिन शुक्ल 39749 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। सबसे ज्यादा संघर्ष वाला कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र रहा। 24 साल से लगातार विधायक व बसपा में कैबिनेट मंत्री रहे रामप्रसाद चौधरी यहां चुनाव हार गए। उन्हें 63334 वोट मिले। भाजपा के चंद्र प्रकाश शुक्ला ने 70396 प्राप्त कर 7062 वोटों से उन्हें पराजित किया। कांग्रेस सपा गठबंधन के राणा कृष्ण किंकर सिंह तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें 59862 वोट मिले।
रुधौली में पाला बदलकर कांग्रेस से भाजपा में आने वाले विधायक संजय प्रताप जायसवाल दोबारा चुनाव जीत गए। यहां मुख्य मुकाबला बसपा के राजेंद्र प्रसाद चौधरी से था। संजय को 90117 तो राजेंद्र प्रसाद को 68194 वोट मिले, जबकि सपा-कांग्रेस उम्मीदवार सईद अहमद खान 51567 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे। सदर सीट सबसे ज्यादा चर्चा में रही क्योंकि यहां भाजपा में कई भितरघाती थे। फिर भी दयाराम चौधरी ने रिकार्ड मतों से सपा के प्रतिद्वंद्वी महेंद्र यादव का पटखनी दी। दयाराम को 92411 तो महेंद्र नाथ यादव को 49865 मत मिले। दोनों के बीच 44564 वोटों का अंतर रहा। तीसरे नंबर पर रहे विधायक जितेंद्र कुमार उर्फ नंदू चौधरी को महज 49231 से संतोष करना पड़ा। सबसे ज्यादा खराब स्थिति राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी राजा एश्वर्यराज सिंह की रही। जिन्हें महज 4152 वोट ही मिले।