गुम हो गए तालाबों की तलाशी कराएगा प्रशासन
बस्ती। सूबे की योगी सरकार भले ही तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने की पहल की हो। लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है। इन तालाबों पर भू माफियाओं का कब्जा है। यहां तक कि जो तालाब बचे हैं, वे अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। हालांकि डीएम ने इन तालाबों को ढूंढने के लिए टीम गठन करने का आश्वासन दीं हैं।
नगर पालिका क्षेत्र में वर्षों पूर्व तुरकहिया, गांवगोड़िया, महरीखांवा सहित अन्य स्थानों पर जल संचयन के लिए तालाब खुदवाए गए थे। अब आलम यह है कि इन तालाबों के आधे से अधिक हिस्से पर किसी ने कच्चा तो किसी ने पक्का निर्माण करा लिया है। जागरूक लोग जब इसकी शिकायत अधिकारियों से करते हैं तो महज जांच कर खानापूर्ति कर ली जाती है।
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नाकाफी साबित हुए नगर पालिका के प्रयास
- नगर पालिका के अभिलेखों में चार तालाब व एक गड्ढा दर्ज है। इन तालाबों को संरक्षित करने के लिए पालिका की ओर से किए गए प्रयास नाकाफी साबित हुए हैं। किसी ने ऊंचे रसूख के बल पर अपनी कब्जेदारी कायम की है, तो किसी ने कानूनी दांव पेंच को ढाल बनाया है। कार्रवाई न होने से भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। बेखौफ वे तालाबों को पाटकर निर्माण करा रहे हैं।
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तालाबों से पशु पक्षियों ने तोड़ा नाता
- शहर के वार्डों में जिस उद्देश्य से इन तालाबों को खुदवाया गया था, वह समय के साथ मिट गई है। जिन तालाबों का कुछ हिस्सा बचा हुआ है। उनमें गंदगी इतनी हैं कि इनसे पशु पक्षियों ने नाता तोड़ लिया है। कई तालाब तो ऐसे हैं जिसमें कई घरों का गंदा पानी जा रहा है।
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डीएम ने कहा टीम गठित की जाएगी
- तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने के सवाल पर डीएम माला श्रीवास्तव कहती हैं कि टीम गठित कर तालाबों को मुक्त कराया जाएगा। कहती हैं तालाब जल संचयन का बेहतर श्रोत है। सरकार इसे लेकर गंभीर है।
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