दिल्ली और मुंबई की ट्रेनों में मार्च व अप्रैल तक आरक्षण फुल
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सहालग का सीजन चल रहा है। होली पर्व में एक माह शेष है। किसी को शादी में जाना है तो किसी को त्योहार पर घर आना है। ऐसे में सबसे बड़ी दिक्कत ट्रेनों में सीट मिलने की है। क्योंकि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों में मार्च और अप्रैल तक आरक्षण फुल है। जनरल कोच में भीड़ देखकर हिम्मत छूट जाती है। स्लीपर क्लास का भी ऐसा ही हाल है। इसके कारण लोगों के यात्रा की प्लानिंग गड़बड़ा रही है।
सहालग के सीजन में लोगों को शादी-विवाह के आमंत्रण पर पहुंचना है। किसी को दिल्ली, मुरादाबाद जाना है तो किसी को मुंबई जाना है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग के कारण सीट नहीं मिल नहीं है। रेलवे के आरक्षण काउंटर पर वह ट्रेनों में सीट की स्थिति को जानकर निराश हो रहे हैं। मुंबई जाने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनल ट्रेन सात मार्च तक 71 वेटिंग है। गोरखपुर से चलने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस में दो मार्च तक 71 वेटिंग है।
मुंबई जाने वाली गोदान एक्सप्रेस में 16 मार्च तक 66 वेटिंग है। अन्य ट्रेनों का भी यही हाल है। गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोग रेलवे स्टेशन और ट्रैवल एजेंसियों का चक्कर लगा रहे हैं, मगर कोई समाधान नहीं निकल रहा है। लंबी दूरी तक बस में बैठ कर सफर किसी मुसीबत से कम नहीं होता है।
रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर रमेश सोनकर ने परिवार सहित दिल्ली जाने के लिए आरक्षण फार्म भरकर दिया। उसे 18 फरवरी में आरक्षण चाहिए था। रेलवे कर्मचारी से यह सुनकर वह निराश हो गया की इस तिथि मेंं दिल्ली के किसी ट्रेन में सीट उपलब्ध नहीं है। यही हाल अन्य यात्रियों का भी रहा। कंर्फम टिकट न मिलने से वह हलाकान हो रहे हैं।
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ट्रेनों के निरस्त होने से बढ़ीं दिक्कतें
न्यू दिल्ली क्लोन स्पेशल ट्रेन बुधवार को निरस्त रही। कासगंज कुंभ मेेला स्पेशल पांच घंटे और काठगोदाम कुंभ मेला स्पेशल 12 घंटे विलंब होने के कारण यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसके कारण अन्य ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है।