बस्ती। मौसम के बदलाव से जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज बढ़ गए हैं। सर्वाधिक मरीज मेडिसिन विभाग में पहुंच रहे हैं। यहां उनकी जांच हुई तो वायरल बुखार और डायरिया की पुष्टि हुई। इसमें से गंभीर लक्षण मिलने पर मरीजों को भर्ती कर लिया गया।
बताया गया कि बदन में दर्द, शरीर में कंपकपी और कमजोरी से मरीज परेशान दिख रहे हैं। वहीं बासी भोजन से भी सेहत बिगड़ रही है। पेट में संक्रमण पाया जा रहा है। जिला अस्पताल में वायरल बुखार और डायरिया पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी में भी प्रतिदिन हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें बुखार और डायरिया पीड़ित काफी मरीज शामिल हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बुखार की शुरुआत हलका नजला और खांसी से होती है। धीरे-धीरे गले मेंं खराश के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ता है, जिसमें पूरा शरीर दर्द करने लगता है। मौसम के बदलाव से संक्रमण बढ़ा है। चिकित्सक ऐसे लक्षण आने पर वायरल बुखार मानकर उपचार दे रहे हैं। पेट की समस्या भी लोगों को परेशान कर रही है, जिसमें डायरिया की शिकायत सर्वाधिक है।
एमडी डॉ. पीएल गुप्ता का कहना है कि इस मौसम में वायरल बुखार का संक्रमण लोगों को जकड़ रहा है। ब्लड जांच में बुखार की पुष्टि हो रही। आंत में सूजन व संक्रमण से परेशानी भी है। बताया कि नजले और गले में खराश से बीमारी की शुरुआत होती है।
उपचार में लापरवाही खतरनाक है। बताया कि जिला अस्पताल में डायरिया के रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। उन्होंने सलाह दी कि नजला-खांसी और गला खराब होने पर चिकित्सक से परामर्श लें। इस मौसम में बासी खाना भी नुकसानदेय है। इसलिए पेट की बीमारी से बचने के लिए हाइजीनिक फूड जरूरी है। बासी और तले भोजन से बचना होगा।
चिल्ड्रन वार्ड में जो बच्चे भर्ती हैं, उनमें हाईग्रेड फीवर, झटका आने की शिकायत है। उनका ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। त्वचा रोगी भी बढ़े हैं।