टिनिच। घुरहूपुर स्थित पब्लिक स्कूल में श्रीमद्भागवत कथा में पंडित राकेश ने कहा कि भागवत कथा सुनने से विचार और मन दोनों निर्मल होते हैं। वह व्यक्ति कुटुंब के साथ समाज के मंगल के कार्य करने के लिए प्रेरित होता है। जगत में जब भी अनाचार दुराचार और पाप बढ़ता है तो मानवता की रक्षा के लिए ईश्वर किसी न किसी रूप में अवतार लेते हैं। मनुष्य को चाहिए कि वह स्वयं के मोक्ष और जगत के कल्याण के लिए ईश्वर की साधना को माध्यम बनाए। अपने पुण्य के सहारे भवसागर से पार होने का प्रयास करें। कथा में महेश्वर सिंह, जयप्रकाश सिंह, संत प्रकाश सिंह, राजेश सिंह, चंदन सिंह, महेंद्र कुमार, कमलेश्वर सिंह, आनंद सिंह, राम प्रकाश सिंह नन्हे, अंबरीश मणि त्रिपाठी, कृष्णा शुक्ल आदि उपस्थित रहे। संवाद