1188 कनेक्शन पर एसी, जबकि शहर में चल रही तीन हजार से अधिक
हर माह दे रहे 27 करोड़ की बिजली, वसूल पा रहे महज 12 करोड़
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मानसून सक्रिय होने के बाद से शहर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी है। विद्युत निगम के अधिकारी कारणों को जानते हुए भी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। इससे शहर के ज्यादातर फीडर हाईलाइन लाॅस व ओवरलोडिंग से जूझ रहे हैं। इसका खामियाजा नियमित बिल भुगतान करने वाले 62 प्रतिशत उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। शहर में करीब 38 हजार बिजली उपभोक्ता हैं।
शुक्रवार को बिजली कटौती के कारणों को जानने की कोशिश की गई तो पता चला कि पॉश इलाकों के फीडर 50 प्रतिशत लाइनलॉस से जूझ रहे हैं। यह लाइनलॉस बिजली चोरी के कारण हो रहा है। अधिकारी दबी जुबान में मानते भी हैं। पता चला कि शहर में करीब तीन हजार उपभोक्ताओं के घरों में एसी लगी हुई है। लेकिन निगम के रिकॉर्ड में महज 1188 उपभोक्ता ही एसी चला रहे हैं।
अन्य उपभोक्ता बिना अनुमति एसी का उपयोग कर रहे हैं। इससे मानसूनी सीजन में खपत 170 मेगावाट बनी हुई है। जबकि बीते साल इस सीजन में 135-140 मेगावाट बिजली की खपत शहर में हो रही थी। शहर में निगम हर माह करीब 27 करोड़ रुपये की बिजली आपूर्ति दे रहे हैं। इसमें एवज में उसे महज 12 करोड़ रुपये का राजस्व हर माह प्राप्त हो रहा है।
सिविल लाइंस, कचेहरी, आवास विकास, बैरिहवा, गांधीनगर आदि शहर के पॉश इलाके माने जाते हैं। इन इलाकों में सर्वाधिक बिजली चोरी हो रही है। निगम के अनुसार, आवास विकास, कचेहरी, एसबीआई, नई बस्ती, पुरानी बस्ती द्वितीय व हथियागढ़ फीडर पर 50 प्रतिशत लाइनलॉस हो रहा है।
..
जमीन पर नहीं उतरी चोरी रोकने की कार्ययोजना
बिजली चोरों से निपटने के लिए विद्युत निगम ने भाेर में 4 बजे छापा मारने की योजना तैयार किया था। इसके अनुसार, फीडरवार कार्रवाई की जानी थी। जून माह में दो दिन भोर में अभियान चलाया गया। तब 12 लोग बिजली चोरी करते हुए पकड़े गए थे। सभी पर केस दर्ज हुआ था। इसके बाद भी बिजली चोरों के हौंसले बुलंद हैं। शहर में करीब 10 दिनों से हर घंटे बिजली कटौती की जा रही है। इससे बिजली से चलने वाले उपकरण खराब हो रहे हैं। दूसरी ओर व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
...
कोट
बिजली चोरी अधिक हो रही है। इसका खामियाजा नियमित बिल देने वालों पर पड़ रहा है। कार्रवाई के लिए अब सिर्फ भाेर में सघन जांच अभियान नहीं चलेगा, बल्कि औचक जांच अभियान चलाया जाएगा। हाई लाइन लॉस वाले फीडरों पर चोरों का पता लगाने के लिए मुखबिरों का सहारा लिया जा रहा है।
-मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, नगरीय