संतकबीरनगर के बखिरा थाने में दर्ज कराया था मुकदमा
दुधारा क्षेत्र के कुम्हा गांव के रामबृक्ष की हुई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। हत्या कर शव गायब करने के बखिरा थाना क्षेत्र के एक मामले में स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश कमलेश कुमार ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 13-15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे न देने पर नौ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
एडीजीसी हयात मोहम्मद, वीरेंद्र सिंह ने न्यायालय को बताया कि 26 अगस्त 2003 को संतकबीरनगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के कुम्हा गांव निवासी लवजारी देवी ने बखिरा थाने में केस दर्ज कराया। तहरीर में गांव के लल्लू पांडेय, महेंद्र सिंह, राधेश्याम सिंह व दीनानाथ तिवारी पर आरोप लगाया कि उसके पति रामबृक्ष उर्फ कोइल बेलदार को दावत खाने की बात कहकर साथ ले गए।
कई दिनों तक उसके पति के वापस न आने पर वह पति को तलाश करने लगी। न मिलने पर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। ग्राम भकठी के एक व्यक्ति ने बताया कि तुम्हारे पति की लाश भट्ठे के पास पड़ी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने चारों को हत्या का आरोपी बनाते हुए चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायाधीश ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।