बस्ती। अतिरिक्त सत्र व विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की कोर्ट ने बुधवार को अनुसूचित जाति की महिला से दुष्कर्म करने के गांव के ही दोषी भगौती प्रसाद मिश्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 7,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर आरोपी को तीन माह 10 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
मामला हर्रैया थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता ने 27 नवंबर 1991 को हर्रैया थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके मकान के पास आरोपी का घर है। 24-25 नवंबर 1991 की रात करीब नौ बजे आरोपी उनके घर में घुस आया। बेटी का यौन शोषण करने की नीयत से दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया। बेटी के शोर मचाने पर आरोपी दीवार फांद कर भाग गया। 27 नवंबर 1991 की रात आरोपी फिर घर पहुंचा। वह ठंड से बचाव के लिए अलाव ताप रही थी।
आरोपी जबरदस्ती उसे बाग में उठा ले गया। विरोध करने के बावजूद दुष्कर्म किया। वह बाग में बेहोश पड़ी रही। होश आने घर आई और घटना की जानकारी ग्राम प्रधान आदि को दी। इसके बाद लोग उसे थाने ले गए। पुलिस ने आरोपी भगौती प्रसाद मिश्र पर प्राथमिकी दर्ज की। गवाहों के बयान व अन्य सबूत के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी को उपरोक्त सजा सुनाई है।