अनियमित रूप से बीपीएल और अन्त्योदय राशन कार्ड बनाकर गरीबों का हक मारने वाले कोटेदारों के लाइसेंस निलंबित करने का आदेश डीएम द्वारा देने के तीन माह बाद भी डीएसओ ने कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई न होने से
नाराज डीएम अनिल कुमार दमेले ने डीएसओ को लिखा है कि यह चिंताजनक बात है कि डीएम के आदेश का पालन तीन माह में भी नहीं किया गया। एक हफ्ते में कार्रवाई करने और आख्या देने का निर्देश डीएसओ को दिया है।
तीन माह पहले हर्रैया तहसील के विकास खंड दुबौलिया के ग्राम डेईडीहा बुजुर्ग, बंजरिया सूबी, चिलमा परसन, ब्लॉक परशुरामपुर के ग्राम मुईली, ब्लॉक हर्रैया के ग्राम करनपुर, सदर ब्लॉक के ग्राम जोगिया व रानीपुर, बनकटी ब्लॉक के ग्राम मुंडेरवा बाजार, भानपुर तहसील के ग्राम बारहकोनी व रामनगर एवं विकास खंड बहादुरपुर के ग्राम सिसवारी रघुवीर सिंह के सैकड़ों गरीब पात्रों ने साक्ष्य और शपथ पत्र सहित शिकायत की थी कि गांव के कोटेदार अपना और परिवार के सदस्यों के नाम अन्त्योदय और बीपीएल कार्ड बनाकर वर्षों से अपात्र होते हुए पीडीएस का लाभ उठा रहे हैं।
चिलमा परसम में तो कोटेदार ने अपने परिवार के नाम बीपीएल और अन्त्योदय कार्ड बनया ही साथ ही ग्राम चिलमा परसन के नाम बीपीएल का कार्ड बनाकर लाभ उठा रहे हेें। डेईडीहा बुजुर्ग में तो एक साथ 60 अपात्र पाए। रामनगर और बारहकोनी में पुत्र और माता दोनों कोटेदार निकले।
जिन लोंगो की शिकायत साक्ष्य के साथ की गई उसमें सात लोंगो के विरुद्घ डीएम न्यायालय में अपात्र होने के बावजूद बीपीएल और अन्त्योदय कार्ड का लाभ लेने और शस्त्र लाइसेंस लेने के आरोप में मुकदमा भी चल रहा है।
रानीपुर में पूर्व विधायक के नाम बीपीएल कार्ड बनाने की शिकायत की गई।
डीएम ने इन सभी शिकायतों के आधार पर कोटेदारों का लाइसेंस निलंबित करने, उठाए गए राशन की रिकवरी कराने और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश संबंधित एसडीएम और डीएसओ को लिखित में निर्देश दिया था।
डीएम ने बताया कि अगर इसके बाद भी कोटेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।