बस्ती। वेतन उच्चीकरण, वेतन व पेंशन विसंगतियां दूर करने, भत्तों में वृद्धि, राजस्व उप निरीक्षक सेवा नियमावली 2017 कैबिनेट से पास कराने सहित मांगों के समर्थन में आंदोलन पर उतरे राजस्व लेखपालों पर सरकारी घुड़की बेअसर साबित हुई।
यूपी सीएम के एस्मा लगाने के बाद रविवार को डीएम के 24 घंटे के अल्टीमेटम को दरकिनार करते हुए कलेक्ट्रेट में पहुंचे जिले भर के लेखपालों ने आर या पार की हुंकार भरी। कहा कि ऐसी धमकी से आंदोलन तोड़ने की शासन-प्रशासन की चाल कामयाब नहीं होने देंगे। रविवार देर शाम अचानक डीएम ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सभी एसडीएम को 24 घंटे के भीतर आंदोलन समाप्त कराने को कहा। इशारा मिलते ही एक्शन में आए एसडीएम गण ने संबंधित संगठन पदाधिकारियों को पत्र जारी करके आगाह भी किया लेकिन लेखपाल काम पर नहीं लौटे। चारों तहसीलों पर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले आंदोलन जारी रखा।
प्रभावित हो रहा कामकाज
आय, जाति, निवास, हैसियत, चरित्र, पैमाइश, खसरा, खतौनी, आपदा प्रबंधन, नक्शा दुरुस्ती जैसे रोजमर्रा के न्यायालयी कार्य प्रभावित हैं। जनमानस को इसी झंझट से बचाने के लिए भले ही सीएम ने एस्मा का ऐलान किया हो लेकिन आंदोलित कर्मी टस से मस नहीं हुए। अल्टीमेटम का उल्लंघन करने के बाद की प्रशासन भी पशोपेश में है। डीएम डॉ. राजशेखर का कहना है कि आदेश के उल्लंघन को लेकर जल्द निर्णय लिया जाएगा। इन मांगों पर खोला है मोर्चा
वेतन उच्चीकरण, वेतन व पेंशन विसंगतियां दूर करने, भत्तों में वृद्धि, राजस्व परिषद से प्रस्तावित राजस्व उप निरीक्षक सेवा नियमावली 2017 कैबिनेट से पारित कराने के अलावा लैपटॉप व स्मार्ट फोन की मांग को लेकर राजस्व लेखपाल आंदोलनरत हैं। राजस्व निरीक्षक पदोन्नति में संग्रह अमीन व भूमि अध्यापित अमीनों के कोटे को समाप्त करने सहित अन्य मांगों को लेकर धरने पर हैं।