बस्ती। लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत लेखपालों ने अब अतिरिक्त हलके के बाद अपने मूल हलके से जुड़े ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार से लेखपालों ने प्रशासनिक व्हाट्सएप समूह छोड़ने के साथ ही ऑनलाइन कार्य करना बंद कर दिया। इससे तहसीलों में आय, जाति, निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र समेत विभिन्न ऑनलाइन आवेदनों के सत्यापन का काम प्रभावित होने लगा है। बड़ी संख्या में आवेदन लंबित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपालों ने पहले ही अतिरिक्त क्षेत्रों का प्रभार छोड़ दिया था। अब मांगें पूरी नहीं होने पर मूल हलके से संबंधित ऑनलाइन कार्य भी बंद कर दिए गए हैं। लेखपालों का कहना है कि वे केवल ऑफलाइन मूल कार्य कर रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन सत्यापन नहीं होने से लोगों को प्रमाणपत्र बनवाने में परेशानी हो रही है। सदर तहसील संघ के अध्यक्ष महेंद्र यादव और मंत्री देवेंद्र कुमार ने बताया कि लेखपालों की आठ सूत्री मांगें लंबे समय से लंबित हैं। मांगें पूरी होने तक ऑनलाइन कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। रुधौली तहसील में भी लेखपालों ने ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार किया।
हर्रैया तहसील में भी मूल हल्के से संबंधित ऑनलाइन कार्य बंद कर दिए गए हैं। संघ के जिलाध्यक्ष राजेश पांडेय और जिला मंत्री अंकित चौधरी ने बताया कि अब तक केवल अतिरिक्त हल्कों का कार्य बहिष्कृत किया गया था। बृहस्पतिवार से सभी मूल हलकों के ऑनलाइन कार्य का भी बहिष्कार शुरू कर दिया गया है। संघ के अनुसार जिले में 550 अतिरिक्त हलकों के साथ अब 1187 गांवों से जुड़े ऑनलाइन कार्य भी प्रभावित हैं। उनका कहना है कि सरकार को मांगों पर निर्णय लेना होगा, इसके लिए आगे भी संघर्ष जारी रहेगा
व्हाट्सएप समूह से बाहर हो गए लेखपाल, ऑनलाइन कार्य भी किया ठप
भानपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को तहसील के सभी लेखपाल राजस्व प्रशासनिक व्हाट्सएप समूह से बाहर हो गए। इससे अफसरों के संदेश का आदान-प्रदान लेखपालों तक होना बंद हो गया। इसके अलावा ऑनलाइन कार्य भी लेखपालों ने ठप कर दिया है। इससे फरियादियों की सांसत बढ़ गई है। आय, जाति, निवास, ईडब्ल्यूएस जैसे प्रपत्र नहीं बन पा रहे हैं।
लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष कमलभान पांडेय ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर सभी लेखपाल साथियों ने राजस्व समूह से लेफ्ट होकर आंदोलन के अगले चरण में प्रवेश किया है। संघ ने पूर्व में ही 2800 ग्रेड वेतन, वेतन विसंगति दूर करने, भत्तों में बढ़ोतरी ,अंतरमंडलीय स्थानांतरण समेत आठ सूत्री मांग को लेकर 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्कों का कार्य बहिष्कार किया है। बावजूद इसके सरकार ने हमारे कार्य बहिष्कार का संज्ञान नहीं लिया। इस बार सभी हल्कों का ऑनलाइन कार्य करना भी बंद कर दिया गया है। यदि मांगे नहीं मानी गई तो आगामी 17 अक्तूबर से प्रदेश भर के लेखपाल आंदोलन करेंगे। तहसील मंत्री बृजेश यादव, उपाध्यक्ष मोहित श्रीवास्तव, हरिओम मिश्र, शिवकुमार कमल, अशोक पटेल, मंटू शर्मा, उपेंद्र मिश्र आदि मौजूद रहे। संवाद