बस्ती। छह सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर डीएम कार्यालय पर धरने पर बैठे जिले भर के लेखपालों ने गुरूवार को सरकार को ललकारते हुए कहा कि अपना हक किसी भी कीमत पर लेकर रहेंगे, इसके लिए लेखपालों को कोई अस्मा भी नहीं रोक सकती है।
कहा कि अपने जायज हक के लिए अगर जेल भी जाना पड़े तो वे जाने को तैयार है। लेखपाल नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने कहा कि जिले के एक कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री सहित दो अन्य राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त वाले जनप्रतिनिधि हैं, मगर इन लोगों ने लेखपालों की आवाज को सरकार तक नहीं पहुंचाया। इसका बदला लेखपाल आगामी विधानसभा के चुनाव में लेगा।
धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामसुमेर और संचालन तहसील सदर के मंत्री धमेंद्र कुमार ने किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि लेखपालों के आंदोलन के चलते राजस्व के सभी कार्य ठप्प पड़ गएं हैं।
लेखपाल सुरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि खतौनी न मिलने से कई लोंगो को अनेक प्रकार के कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। लेखपाल जुगुल किशोर वर्मा ने कहा कि ऐसा लगता है कि लेखपाल पीछे हटने वाले नहीं हैं। जिला मंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अस्मा लगाने के बावजूद लेखपालों का मनोबल गिरा नहीं बल्कि बढ़ा ही है।
धरने का समर्थन करने के लिए स्थल पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला मंत्री तौलू प्रसाद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम आधार पाल, कोषागार संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश पाठक, बिजली कर्मचारी संघ के जिलाघ्यक्ष हरीराम मिश्र, विकास भवन कर्मेचारी संघ जिलाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह, ग्राम्य विकास मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के महामंत्री संतकुमार मौजूद रहे।
सतीश कुमार श्रीवास्तव, अशोक कुमार तिवारी, विद्याधर द्विवेदी, अंजनी नंदन शरण, रणवीर सिंह, विजय पाल, श्याम लाल, गंगाप्रसाद श्रीवास्तव, नंद कुमार श्रीवास्तव, मनोज कुमार शुक्ल, रफीक अहमद, इंदजीत यादव, राजेश्वरी उपाध्याय और यूनुस खान सहित अन्य लेखपालों ने धरने को संबोधित किया।