बस्ती। कलक्ट्रेट स्थित भूलेख कार्यालय से संबद्ध लेखपाल अभिनव ओझा को एंटी करप्शन की टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। भानपुर तहसील में उसकी तैनाती थी, मगर शिकायतों की वजह से भूलेख कार्यालय से संबद्ध किया गया था। टीम कई दिनों से उसे ट्रैप करने का प्रयास कर रही थी।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति पटल के काम के लिए यह रकम मांगी गई थी। कोतवाल राना डीपी सिंह ने बताया कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन के इंस्पेक्टर विनोद कुमार यादव की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। इस केस की विवेचना एंटी करप्शन थाने को स्थानांतरित की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, लालगंज थानाक्षेत्र के परेवा निवासी शिकायतकर्ता के पिता जगन्नाथ ने अपने शरीर को जिंदा रहते दान कर दिया था। मृत्यु के बाद बस्ती मेडिकल कॉलेज में शरीर दे दिया गया। उनके बेटे जीवरत्न ने पिता के इलाज के चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान पर रिपोर्ट लगाने के लिए आवेदन किया था। वह सात महीने से चक्कर लगाता रहा लेकिन, प्रतिपूर्ति काउंटर संभाल रहे अभिनव ओझा रुपये की मांग कर रहे थे। इसकी शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन टीम कई दिनों से पूरे मामले पर नजर रखे हुए थी। मंगलवार को कार्यालय में पांच हजार रुपये लेते समय आरोपी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए जाने के बाद टीम आरोपी लेखपाल को कोतवाली ले गई। जैसे ही गिरफ्तारी की खबर फैली, कलक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। कलक्ट्रेट के कर्मचारी संघ के अध्यक्ष समेत कई कर्मचारी कोतवाली पहुंच गए।