लेखपाल को बंधक बनाकर पीटने के मामले को लेकर खफा था संगठन
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद पुलिस की कार्यशैली से खफा लेखपालों ने शुक्रवार को धरना स्थगित कर दिया। राजस्व और पुलिस विभाग के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए एक-दूसरे के प्रति सहयोग करने का निर्णय लिया।
हर्रैया तहसील के माझिल गांव के लेखपाल प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव निवासी मड़वानगर थाना कोतवाली की तहरीर पर विशाल उर्फ मोहन दूबे निवासी माझिल गांव थाना छावनी, शिवम तिवारी निवासी सहजौरा पूरे दुखी और तीन अन्य अज्ञात पर बलवा, मारपीट, सरकारी कागज फाड़ कर कार्य में बाधा आदि धाराओं में केस दर्ज कर पुलिस छानबीन शुरू की है। बृहस्पतिवार देर शाम आरोपी शिवम तिवारी का होटल लाइसेंस के अभाव में एसडीएम ने सील कर दिया था।
मंगलवार को यह मामला तब सामने आया जब हर्रैया तहसील के माझिल गांव के लेखपाल प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सायं करीब साढ़े चार बजे तहसील परिसर से माझिल गांव निवासी विशाल दुबे बस्ती चलने को कहकर अपनी कार में बैठा लिए। वह बभनान चौराहे के पास ले गया जहां कार में कुछ और लोग भी कार में बैठ गए।
आरोप है कि कट्टे वा चाकू के बल पर उसे चुप रहने की धमकी देते हुए अज्ञात स्थान पर ले गए। कार से बाहर निकाल कर लात घूंसों से मारा पीटा और जान से मारने की धमकी देते हुए अभिलेख फाड़ दिए। पुलिस पर उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को लेखपालों ने हर्रैया तहसील में धरना शुरू कर दिया था।