बस्ती। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के महुआरी गांव में एग्रीमेंट की बात कहकर जमीन की धोखे से रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया है। गांव निवासी अश्वनी कुमार पांडेय की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
तहरीर में अश्वनी कुमार पांडेय ने आरोप लगाया है कि विपक्षी ने अपने एजेंट को योजनाबद्ध तरीके से उनके पास भेजा। 12 अगस्त 2024 को गांव की जमीन छह माह के लिए एग्रीमेंट करने की बात कही गई। इसके बदले उन्हें 7.48 लाख रुपये का चेक दिया गया। आरोप है कि एजेंट ने इसमें से 3.50 लाख रुपये ब्याज के नाम पर वापस ले लिए।
छह माह की अवधि पूरी होने के बाद जब उन्होंने अनुबंध निरस्त करने का अनुरोध किया तो विपक्षी ने गाली-गलौज करते हुए जानमाल की धमकी दी। आरोप है कि बाद में एग्रीमेंट की अवधि बढ़ाने के लिए एजेंट ने विपक्षी से दो लाख रुपये अपने खाते में ले लिए।
इसके बाद अवधि पूरी होने पर उन्हें राममूर्ति चौधरी के साथ दूसरी जमीन का एग्रीमेंट करने के लिए मजबूर किया गया। 11 माह के एग्रीमेंट के बदले 7.47 लाख रुपये का चेक दिया गया। इसमें से भी एजेंट ने 3.47 लाख रुपये ब्याज के नाम पर वापस ले लिए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद महुआरी गांव स्थित उसकी 0.0355 हेक्टेयर जमीन की धोखे से रजिस्ट्री करा ली गई। मामले में पुलिस ने शिवप्रकाश निवासी रानीपुर, थाना कप्तानगंज, एजेंट विनोद कुमार तिवारी, राममूर्ति चौधरी और तिलकराम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।