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- फोटो : amar ujala
बस्ती। केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए संकल्पित हैं। ऐसे में किसानों को तकनीकी खेती के प्रति कृषि वैज्ञानिक प्रोत्साहित करें। सरकार ने इस्राइल से कृषि तकनीक का समझौता किया है। यह भी अपने जिले में जल्द ही मूर्त रूप पा जाएगा। कृषि वैज्ञानिकों व इससे जुड़े अधिकारियों का दायित्व है कि वे सरकार की मंशा को फलीभूत करने में जुट जाएं। ये उद्गार सदर विधायक दयाराम चौधरी ने व्यक्त किए। वह बुुधवार को औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र परिसर में राष्ट्रीय औद्यानिक मिशन योजना के तहत आयोजित कृषक मेला व गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
गोष्ठी में वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों व अधिकारियों ने कृषि उपज बढा़ने, मृदा संरक्षण, बागवानी बढ़ाने, फल के उत्पादन बढ़ाने आदि संबंधी बिन्दुओं पर चर्चा की। सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय ने किसानों का आह्वान किया कि वे कृषि वैज्ञानिकों से तकनीकी जानकारी लेकर गुणवत्ता युक्त खेती करें और शासन की मंशा को साकार करें। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त निदेशक डॉ. आरके तोमर ने किसानों का आह्वान किया कि वे गोष्ठी में आए कृषि वैज्ञानिकों, तकनीकी जानकारों से गुणवत्तापरक खेती के बारे में जानकारी हासिल करें, जिससे वे कम संसाधन में भी बेहतर उपज लेकर आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें। गोष्ठी में विशेषज्ञ डॉ. एके भारद्वाज, डॉ. एपी सिंह, डॉ. एसपी सिंह सहित अनेक विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों ने विचार व्यक्त कि ए। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान नन्द कुमार, अजय कुमार सिंह, श्रवण कुमार को सम्मानित किया गया। इस मौके पर रेशम, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, स्वास्थ्य, सूचना, कृषि, भूमि संरक्षण, विकास विभाग आदि विभागों के प्रदर्शनी व स्टाल भी लगाए गए।