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Basti News: दरिंदगी के आरोपियों को बचाने के लिए बताया गया अपहरण

Wed, 11 Oct 2023 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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आईजी के सामने पेश हुई अपहृता
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लालगंज पुलिस पर दरिंदगी के आरोपियों से मिलीभगत का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लालगंज पुलिस जिस लड़की के अपहरण का केस दर्ज कर उसकी तलाश कर रही थी वह मंगलवार को आईजी आरके भारद्वाज के सामने पेश हुई। उसने आरोप लगाया कि लालगंज पुलिस साजिश में शामिल होकर उसकी बात सुनने को तैयार नहीं है। पीड़िता ने यह बताकर आईजी को चौंका दिया कि उसका अपहरण नहीं हुआ है, बल्कि उसके साथ सामूहिक दरिंदगी की गई है। मगर, लालगंज पुलिस आरोपी के पिता ग्राम प्रधान के प्रभाव व दबाव में आकर कार्रवाई करने के बजाय उसके अपहरण का फर्जी केस दर्ज कर लिया।
उसका आरोप है कि उसके साथ दरिंदगी करने वाला ग्राम प्रधान का बेटा भी है, इसलिए उसे बचाने के लिए ग्राम प्रधान ने मां को प्रभाव में लेकर अपहरण का झूठा केस दर्ज करा दिया। उस केस में उन्हीं लोगों पर अपहरण करने का आरोप लगवाया, जो इंसाफ दिलाने में उसकी मदद कर रहे हैं। आईजी ने लालगंज एसओ को बुलाकर पीड़िता का बयान दिलाने और मेडिकल परीक्षण के लिए उनके हवाले कर दिया।
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चार दिन पहले सामने आए इस नाटकीय प्रकरण में पुलिस खुद उलझकर रह गई है। असल में थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी की मां ने पांच अक्तूबर को थाने में तहरीर दी कि उसकी बेटी को कुछ लोगों ने अपहृत कर लिया है। तहरीर में किशोरी की मां ने लिखा है कि पांच अक्तूबर को दोपहर करीब 12 बजे गांव के दूसरे पुरवे के कृष्ण चंद्र यादव और आलोक यादव उसकी पुत्री को बोलेरो में बैठाकर भगा ले गए। उसने यह बात ग्राम प्रधान को बताई तो ग्राम प्रधान ने 1090 पर फोन कर सूचना दी। बाद में थाने पर तहरीर दी गई।
तभी प्रकरण का दूसरा पहलू सामने आ गया कि लड़की का अपहरण नहीं हुआ, बल्कि उसके साथ सामूहिक दरिंदगी की गई है। घटना पर पर्दा डालने के लिए अपहरण की कहानी गढ़ी गई। पीड़िता ने एसपी को प्रार्थनापत्र दिया था कि पांच अक्तूबर को सुबह पांच बजे के करीब वह नित्यक्रिया के लिए खेत में गई थी। जहां उसके साथ पहले से घात लगाए बैठे दो आरोपियों ने सामूहिक दरिंदगी की।
वह इसकी शिकायत करने ग्राम प्रधान के घर गई तो उसे धमकी देते हुए भगा दिया। जब वह थाने गई तो ग्राम प्रधान पहले से वहां बैठे थे। उसकी शिकायत सुनने के बजाय थाने से भगा दिया गया। इसके बाद गांव के कृष्ण चंद्र और आलोक के साथ वह बस्ती पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में प्रार्थनापत्र देने आ गई। जब प्रधान को पता चला कि वह शिकायत करने एसपी के पास गई है तो उन लोगों ने मां से अपहरण की तहरीर दिलवा दी।
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घटना के समय नाबालिग थी, अब बालिग हो गई पीड़िता
इस केस में दिलचस्प पहलू यह है कि जिस समय अपहरण अथवा सामूहिक दरिंदगी की घटना बताई जा रही है, तब वह नाबालिग थी। मगर, आधार कार्ड के अनुसार सोमवार को उसकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो गई है। आधार कार्ड में पीड़िता की जन्मतिथि नौ अक्तूबर 2005 दर्ज है।
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एसपी को भेजा बयान का शपथपत्र
पीड़िता ने मंगलवार को पंजीकृत डाक से नोटरी शुदा बयान हल्फी पुलिस अधीक्षक को भेजा। लिखा है कि उसका किसी ने अपहरण नहीं किया है, बल्कि वह मर्जी से कृष्ण चंद्र और आलोक के साथ गई थी। अपने साथ हुई दरिंदगी का जिक्र करते हुए लिखा है कि विवेचक उसका बयान नहीं दर्ज कर रहे हैं, इसलिए वह अपना बयान डाक से भेज रही है।
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