भांजे के विवाद में सुलह कराने के बाद लौटते समय हुआ अपहरण
गोंडा जिले के छपिया थाना क्षेत्र के दो आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। गौर थाना क्षेत्र के केसरई गांव के पास से रविवार रात गोंडा जिले के बदमाशों ने सुल्तानपुर गांव के युवक का तमंचे के बल पर अपहरण कर लिया। सूचना मिलते ही एसपी, एएसपी गौर व आसपास के थाने की पुलिस सक्रिय हो गई। मोबाइल सर्विलांस के जरिये छह घंटे के अंदर दो बदमाशों को गिरफ्तार कर अपहृत को मुक्त करा लिया गया। एएसपी ने प्रेसवार्ता कर घटनाक्रम की जानकारी दी। बताया कि दोनों पक्षों में पहले भी विवाद हुआ था, जिसमें सुलह हो गया था। मगर, दूसरे पक्ष ने हनक बनाने के लिए घटना को अंजाम दे डाला।
जानकारी के अनुसार, गौर क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी कमलेश सोनकर गांव के ही मोबाइल टाॅवर पर काम करता है। 14 जुलाई को कमलेश सोनकर से बभनान बाजार में किसी बात को लेकर अपहरणकर्ताओं से विवाद हुआ था। रविवार को रात में अपनी निजी काम से गौर बाजार गए थे। वापस आते समय गौर-टिनिच मार्ग पर केसरई गांव के पास बेलहिया चौराहे पर रात करीब 10:30 बजे चार-पांच की संख्या में बदमाशों ने कमलेश सोनकर की बाइक में पहले अपनी कार से ठोकर मारा। उसके बाद सभी ने कार रोककर असलहा के बल पर कमलेश सोनकर को जबरन गाड़ी में बैठकर लेकर भाग गए।
एएसपी ओपी सिंह ने बताया कि कमलेश सोनकर के भाई राजेश कुमार की तहरीर पर अखिलेश वर्मा निवासी सिसई रानीपुर थाना छपिया जनपद गोंडा, अक्षय वर्मा निवासी फूलपुर थाना छपिया जनपद गोंडा व अभिषेक वर्मा ग्राम ककरहिया थाना छपिया जनपद गोंडा व दो अन्य अज्ञात पर केस दर्ज किया गया। इनमें अक्षय वर्मा व अभिषेक वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। अखिलेश की तलाश पुलिस कर रही है।
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भांजे का झगड़े में सुलह कराकर लौटा था कमलेश
टिनिच। गौर क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी कमलेश सोनकर की बहन की शादी छपिया थाना क्षेत्र के नगरा बुजुर्ग गांव में हुई है। कमलेश के भांजे से सिसहरी गांव निवासी अक्षय के छोटे भाई से किसी बात पर कहासुनी हो गई थी। इससे नाराज अक्षय चौधरी ने एक दिन कमलेश सोनकर के भांजे सुनील सोनकर को बुलाकर मारापीटा था। जब इस बात की जानकारी कमलेश सोनकर को हुई तो उसने अक्षय चौधरी के घर फोन से शिकायत की।
अक्षय की मां ने बच्चों में सुलह करने के लिए घर पर बुलाया। घर पहुंचने पर सभी सुलह कर चाय-पानी कर जैसे ही बभनान पहुंचे, तभी अक्षय चौधरी बोलेरो लेकर कुछ युवकों के साथ कमलेश को घेर लिया। कमलेश के साथ संख्या बल ज्यादा होने के चलते मारने में सफल नहीं हो सका। जब कमलेश बेलहिया पहुंचा तो एकांत पाकर पहले उसकी बाइक में टक्कर मारा। इसके बाद कनपटी पर असलहा रख कर बोलेरो में बैठाकर शिवाघाट की तरफ लेकर गए। इसके बाद पुलिस पीछे लग गई। संवाद