कप्तानगंज (बस्ती)। संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकते मिले पुलिस आरक्षी केसरी नंदन वर्मा का अतीत भी चर्चा में है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2003 में सीतापुर जिले में उसकी तैनाती के दौरान एक वारंटी की पुलिस अभिरक्षा में मौत होने का मामला उनके खिलाफ दर्ज हुआ था। आरोप था कि वारंटी को चौकी पर लाकर एक कमरे में बंद किया गया था, जहां उसने रात में फांसी लगा ली थी। इस मामले में केसरी नंदन वर्मा सहित कई पुलिसकर्मियों पर केस चला। मामला सीतापुर सिविल कोर्ट में वर्षों तक लंबित रहा। वर्ष 2024 में अदालत ने उसे दोषी करार दिया, जिसके बाद उसे कई महीनों तक सीतापुर जिला जेल में रहना पड़ा। जेल से रिहा होने के बाद से ही वे निलंबित चल रहा था। अप्रैल 2025 में उसे बेल मिली और वे गांव लौट आया।
परिजनों के अनुसार जेल से बाहर आने के बाद उसे दो बार पैरालिसिस अटैक आया। कुछ समय बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ और वे छड़ी के सहारे चलने लगा था।