संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोहरे और धुंध के मौसम में सुबह-शाम दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह रही है। सड़क पर वाहन रेंगते हुए चल रहे हैं। चालक की नजर यदि इधर-उधर हुई तो हादसा होना तय है।
कारण यह कि अवैध कट, धूमिल सफेद पट्टी, होटल-ढाबों के सामने बेतरतीब खड़े वाहन हादसों की वजह बनने को काफी हैं। आने वाले दिनों में कोहरे को लेकर मुश्किलें और बढ़ने वाली है। ऐसे में आप फोरलेन पर सफर कर रहे हैं तो जरा ध्यान से चलें। क्योंकि जरा भी चूके तो हादसे का शिकार हो सकते हैं।
जिले की सीमा में फोरलेन पर 43 अवैध कट बना लिए गए हैं। 25 ब्लैक स्पॉट भी चिह्नित हैं, जो दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। कोहरे का सीजन शुरू होने के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। कोहरे के सीजन में ब्लैक स्पॉट पर हादसों का खतरा ज्यादा रहता है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हर माह ब्लैक स्पॉट पर सुधार की चर्चा होती है। दो दिन पहले हुई बैठक में डीएम रवीश गुप्ता ने ब्लैक स्पॉट पर नाइट विजन कैमरे लगवाने के निर्देश दिए थे। अब तक कैमरे नहीं लगे। ए
क सप्ताह से आधी रात के बाद फोरलेन पर कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। रात और सुबह के वक्त फर्राटा भरना खतरे से खाली नहीं रहा। दृश्यता भी कम होने लगी है। इस वजह से रात व सुबह के वक्त होने वाले हादसों की तादात बढ़ गई है।
तीन दिन में कम दृश्यता के चलते छोटे-बड़े पांच हादसे हो चुके हैं। कारण यह कि फोरलेन व हाईवे पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। सड़कों पर रिफ्लेक्टर, मोड़ संकेत, सफेद पट्टी तक नहीं हैं।
सर्विस लेन पर भी संकेतक नजर नहीं आ रहे हैं। कोहरे में दृश्यता कम होने के कारण हादसों में बढ़ोत्तरी होने की आशंका रहती है। संकेतकों के सहारे कोहरे में इससे बचाव हो सकता है। पिछले तीन वर्ष के बीच कोहरे के दौरान फोरलेन पर 43 छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। इसमें 29 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि 46 लोग घायल हो गए थे। 25 ब्लैक स्पॉट पर सबसे ज्यादा जोखिम : हाईवे पर परसा हज्जाम, परसा जाफर चौराहा, गोटवा, कप्तानगंज चौराहा, भदावल, महूघाट, बबुरहवा चौराहा, रामजानकी तिराहा, पचवस चौराहा, विक्रमजोत, पटखापुर चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा, सबदेईया कला, चैनपुरवा ओवरब्रिज के पूर्वी छोर,बड़ेवन फ्लाईओवर पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं।
कारिका