जिला मुख्यालय के गांधी नगर में स्थित कटेश्वर पार्क के सुंदरीकरण को ग्रहण लगा है। यहां अमृत योजना के तहत शुरू कराए गए दस लाख कार्य के बदले पालिका ने 47 लाख रुपये भुगतान कर दिया है और पार्क अब भी जर्जर हालत में ही है। हालांकि, योजना को पूरा करने के लिए जुलाई 2018 तक की समय सीमा निर्धारित है, मगर स्थितियां गवाही दे रही हैं कि कार्य पूरा होने मेें अभी लंबा वक्त लगेगा।
वर्ष 2015-16 में अमृत योजना के तहत शहर के पार्कों का सुंदरीकरण कराया जाना है। सुंदरीकरण योजना में शामिल कटेश्वर पार्क की सूरत संवारने के लिए निविदा निकाली गई। काम भी शुरू करा दिया गया। कटेश्वर पार्क में नौका विहार, बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला और अन्य संसाधन स्थापित करने, ट्वाय ट्रेन संचालित करने, फाउंटेन फौव्वारा सहित वाकिंग पेवमेंट बनाए जाने की योजना थी। इसके लिए काम भी शुरू हुआ। पार्क के सुंदरीकरण के नाम पर उसे उजाड़ दिया गया। जगह-जगह गड्ढे खोद दिए गए। एक गड्ढे में तो दीवार खड़ीकर उसके चारों ओर सरिया निकाले गए हैं, जो यहां आने जाने वाले बच्चों के लिए कभी भी खतरा पैदा कर सकते हैं। इसके निर्माण के लिए जुलाई तक की समय सीमा तय की गई है, मगर अब तक जो निर्माण हुआ है उससे यह तय है कि अभी कटेश्वर पार्क के सुंदरीकरण में लंबा समय लगेगा। इधर कटरेश्वर पार्क में करीब दस लाख रुपये के कार्य कराने के बाद ठेकेदार ने चुप्पी साध ली। इसके बाद जिम्मेदारों से साठगांठ कर 47 लाख रुपये का भुगतान गुपचुप ढंग से करा लिया है। खबर तो यह है कि पूर्व में जो आगणन तय था उसे और बढ़ाने के लिए ठेकेदार व जिम्मेदार साठगांठ कर लिए हैं। नगर पालिका समय सीमा पूरी होने के बाद शासन को नया आगणन भेज कर निर्माण की लागत और अधिक करेगा।
प्रभारी अधिशासी अधिकारी केके चौबे ने कहा कि कटेश्वर पार्क निर्माण के लिए जितना धन आया था वह मार्च में ही खर्च कर दिया गया। यह सही है कि जो कार्य हुआ है उसके लिए शासन से निर्गत संपूर्ण राशि करीब 47 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। पार्क में कितना कार्य हुआ यह तो जांच का विषय है, मगर जो भुगतान हुआ होगा वह मेजरमेंट बिल के आधार पर होता है।