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‘तीसरी आंख’ रखेगी कच्ची शराब पर नजर

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‘तीसरी आंख’ रखेगी कच्ची शराब पर नजर
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संवेदनशील स्थलों पर आबकारी विभाग का मुखबिर तंत्र सक्रिय
संलिप्तता पर होगी सख्त कार्रवाई की संस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कच्ची शराब पर कार्रवाई में ढिलाई के चलते यह धंधा कमाई का सरल रास्ता बन गया था। माझा के अलावा करवल कॉलोनी व कई ईंट भट्ठे कच्ची शराब के लिए बदनाम हैं। अब कच्ची शराब के ठिकानों को निशाने पर रखने के लिए आबकारी विभाग ‘तीसरी आंख’ से नजर जमाए हुए है। विभाग ने निष्क्रिय हो चुके मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया है। मुखबिर की सूचना पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिनकी संलिप्तता कच्ची शराब में है।
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कच्ची शराब के लिए अपने जिले के चार थाना क्षेत्रों के 24 से अधिक गांव संवेदनशील हैं। इसमें पशुरामपुर व छावनी थाना क्षेत्र के माझा इलाकों के कई गांव जबकि कप्तानगंज का थूहा, मुंडेरवा की करवल कॉलोनी तथा लालगंज क्षेत्र के माझा कच्ची शराब के लिए बदनाम हैं। इन स्थानों पर हालांकि आबकारी व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई भी की गई है मगर धंधा पूरी तरह बंद नहीं हो सका है। इसका उदाहरण करीब सप्ताह भर पहले परशुरामपुर थाना क्षेत्र के छह संवेदनशील गांवों में दबिश के दौरान चार हजार क्विंटल लहन व सौ लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। इसके बाद टीम ने करवल कॉलोनी में दबिश दी तो वहां भी 900 क्विंटल लहन व बीस लीटर कच्ची शराब बरामद हुई थी। इन स्थितियों को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग इन क्षेत्रों में निष्क्रिय हो चुके मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर उनके माध्यम से धंधे को रोकने में मदद लेगा। इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी नवीन सिंह ने उक्त की पुष्टि करते हुए कहा कि संवेदनशील गांवों पर नजर रखने के लिए ‘तीसरी आंख’ को उपयोग में लाया जाएगा। यह तीसरी आंख मुखबिर तंत्र की है। इसे सक्रिय किया गया है। धंधे पर अंकुश के लिए लगातार कार्रवाई हो रही है।
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