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कबीर हत्याकांड: वारंट बी पर लाया गया अभिजीत

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कबीर हत्याकांड: वारंट बी पर लाया गया अभिजीत
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बस्ती। नौ अक्तूबर को हुई कबीर तिवारी की हत्या के मुकदमे का वांछित अभिजीत सिंह को शुक्रवार को यहां लाया गया। कोतवाली में दर्ज हत्या, साजिश, बलवा आदि धाराओं में मुकदमे में उसे सीजेएम अंकिता दुबे की अदालत में पेश किया गया। विवेचक/कोतवाल प्रभातेश कुमार ने आरोपी का बयान लेने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। अभियोजन अधिकारी संजय कुमार शुक्ल के प्रकरण प्रस्तुत करने पर सीजेएम ने नियमानुसार बयान लेने हेतु अनुमति प्रदान की। न्यायालय ने आरोपी को पेश करने के लिए 12 दिसंबर को फिर से तलब किया है। इस दौरान कचहरी में भारी पुलिस बल तैनात रखा गया था।
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बस्ती एसपी की तरफ से 25 हजार रुपये के इनामी वांछित अभिजीत सिंह को लखनऊ एसटीएफ ने महीने भर पहले अवैध तमंचे के साथ पकड़ा था। आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। पुलिस तभी से उसे कबीर की हत्या में यहां की अदालत में पेश करने के लिए छटपटा रही थी, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिल सकी। लखनऊ की अदालत से 29 अक्तूबर को ही वारंट बी पर लाने का आदेश दिया था मगर किसी अन्य कारण से उसे अब तक नहीं लाया जा सका। शुक्रवार को इसमें कामयाबी मिली। विवेचक ने बताया कि लखनऊ पुलिस की कस्टडी में उसे लाया गया था। उसे वापस लखनऊ ले गई। न्यायालय के निर्देश के क्रम में जल्द बयान लेने हुए विवेचक जाएंगे। नौ अक्टूबर 2019 को आदित्य नरायण उर्फ कबीर तिवारी की बदमाशों ने मालवीय रोड स्थित अग्रवाल भवन शिव मंदिर के निकट दिन दहाड़े गोली मार दी गई। कुछ ही मिनट बाद मोहल्ले वालों की मदद से दोनों शूटरों अनुराग तिवारी व अभय तिवारी को मौके से दबोच लिया। तीन तमंचे भी बरामद कर लिए गए थे। कबीर को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार देने के बाद लखनऊ भेजा था लेेकिन रास्ते में मौत हो गई। छात्र नेता की मौत के बाद से ही जिले में कबीर तिवारी समर्थकों ने काफी विरोध जताया। जिसमें रोडवेज से लेकर पुलिस थानों तक में तोड़फोड़ की गई। बाद में आठ नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। अभिजीत सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, अमन प्रताप सिंह, मुहम्मद सद्दू, साहिल खान, अवनीश प्रताप सिंह, इमरान व दो अज्ञात शामिल रहे। बाद में पुलिस ने प्रशांत पाण्डेय उर्फ ‘मुन्नू’ का नाम प्रकाश में लाया। पुलिस ने प्रशांत और अभिजीत पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। जिसके दूसरे ही दिन मुन्नू पांडेय गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अगले दिन दूसरे इनामी वांछित अभिजीत को लखनऊ एसटीएफ ने आर्म्स एक्ट में पकड़ा था।
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