बस्ती। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सोमवार को मुख्य अभियंता कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। समिति के सदस्यों ने कहा कि ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा यह स्पष्ट करें कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत निगम के निजीकरण के बाद सरकार निजी घरानों को सब्सिडी देगी या नहीं।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले वर्ष किसानों, बीपीएल उपभोक्ताओं, बुनकरों आदि को 22,000 करोड़ रुपये ज्यादा सब्सिडी दी गई है। ऊर्जा मंत्री और पाॅवर कारपोरेशन के चेयरमैन घाटे के नाम पर निजीकरण की दलील देते समय इस धनराशि को जोड़कर घाटा बता रहे हैं। संघर्ष समिति ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों को ट्यूबवेल के लिए मुफ्त बिजली देने का ऐलान किया है।
अब जब निजीकरण की दलील देते समय यह कहा जा रहा है कि सरकार यह बोझ नहीं उठा सकती तो ऊर्जा मंत्री को आम जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि बिजली का निजीकरण हो जाने के बाद सरकार सब्सिडी का भार उठाएगी या नहीं, जिससे आम जनता धोखे में न रहे।
समिति के सदस्यों ने कहा कि निजीकरण के विरोध में सोमवार को 187वें दिन प्रदेश भर में बिजली कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। विरोध प्रदर्शन में बागीस गुप्ता, प्रभाकर कुमार, सुनील यादव, अनंत यादव, आशुतोष कुमार, पंकज कुमार, घनश्याम यादव, सत्य प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।