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जन औषधि से जिम्मेदारों ने मुंह फेरा

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लिखी गई पर्ची। - फोटो : amar ujala
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बस्ती। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर भले ही सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो, लेकिन जिले में इसका लाभ गरीबों को नहीं मिल रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं, बावजूद जन औषधि से जिम्मेदारों ने मुंह फेर लिया है। अंग्रेजी दवाएं ही लिखी जा रही हैं।
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केंद्र और प्रदेश की सरकार गरीबों को बेहतर चिकित्सा सुविधा दिए जाने की लगातार कवायद में है। लेकिन सरकारी अस्पतालों में इसका सच हमेशा देखने को मिल जाएगा। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल व ओपेक चिकित्सालय कैली की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की जांच और सुझाव तो मिलते हैं परन्तु दवा बाहर से लेनी पड़ती है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि दवा की कोई कमी नहीं है। यही नहीं लोगों को सस्ती दवा मिल सके इसके लिए इन तीन अस्पतालों में जन औषधि केंद्र तो खोले गए हैं। मरीजों का कहना है कि यदि हम जन औषधि केंद्र से दवा ले भी लें, तो डॅाक्टर कहते हैं कि यह दवा कारगर नहीं है, इसलिए बाहर से दवा ले लो। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती दो साल के मासूम अंश के परिजन कहते हैं कि बच्चा दस दिनों से एडमिट है। ज्यादातर दवाएं बाहर से ही लिखी जा रही हैं। उपचार करा रहे छह वर्षीय आयुष पांडेय के परिजनों ने बताया कि डॉक्टर जो दवा लिखेगा उसे लाना तो मजबूरी है। कर भी क्या सकते हैं। वहीं, चार वर्षीय अर्चना के परिजनों ने तो यहां तक कह दिया कि भर्ती के नाम पर भी रुपये लिए गए। दवाएं बाहर से लिखी जा रही हैं, यहां मजबूरी का फायदा उठाया जाता है। मेडिकल वार्ड में भर्ती 55 वर्षीय ज्ञानमती तीमारदारों ने बताया कि आज ही वे उन्हें एडमिट कराए हैं। डॉक्टर ने लगभग डेढ़ हजार की दवा लिखी है। कहा कि सरकार कहती है कि अस्पताल में दवाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन यहां बाहर से दवाएं लिखी जा रही हैं।         
जन औषधि से परहेज करते हैं
तीनों अस्पतालों में सस्ती दवा मिल सके इसके लिए प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खोला गया है। एक कर्मी ने बताया कि डॉक्टर बाहर की दवा लिखते हैं। मरीजों में भ्रम पैदा कर दिया जाता है कि ये दवाएं कारगर नहीं हैं। इसी वजह से लोग यहां दवा नहीं खरीद रहे हैं, जो दवा ले भी लेते हैं, उनसे वापस करा दिया जाता है।
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क्या कहते हैं जिम्मेंदार
मरीजों की समस्याओं को लेकर एसआईसी मेजर डॉ. ओपी सिंह से बात की गई। एसआईसी का कहना है कि अस्पताल में दवाओं की कोई कमी नहीं है, यदि बाहर से दवाएं लिखते हुए कोई चिकित्सक पाया गया तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
आयुष्मान भारत का शुभारंभ आज
केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना का रविवार को शुभारंभ किया जाएगा। खैर इंटर कॉलेज में होने वाले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल होंगे। इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ परिवारों का पांच लाख तक सालाना बीमा कराया जाएगा। इसका लाभ सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी जातियों को मिलेगा। जिले में इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जनपद में एक लाख 56 हजार पात्रों का चयन किया गया है। इसमें शहरी क्षेत्र से 16 हजार और ग्रामीण क्षेत्रों से एक लाख 40 हजार लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा। 
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