- दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले में मौके से प्रतिबंधित बोर के कारतूस के खोखे मिले थे
- इस हमले के बाद यूपी एसटीएफ ने प्रयागराज के रिटायर्ड दरोगा यशोदानंदन को गिरफ़्तार किया था
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कारतूस चोरी मामले में रामकृपाल सिंह के नाम का खुलासा दरोगा यशोदानंदन की लाल डायरी से हुआ था। इस डायरी में नाम सहित पूरा ब्योरा ही दर्ज था। बाद में रामकृपाल ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म कबूल भी लिया था।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए नक्सलियों हमले में 74 जवान शहीद हुए थे। जांच में मौके से प्रतिबंधित बोर के कारतूस के खोखे मिले थे। इसके बाद यूपी एसटीएफ ने प्रयागराज के रिटायर्ड दरोगा यशोदानंदन को गिरफ़्तार किया था। उसके पास से लाल रंग की डायरी मिली थी, जिसमें बस्ती के आर्मोरर रहे रामकृपाल सिंह सहित प्रदेश के कई जिलों के पुलिस लाइंस और पीएसी बटालियन में तैनात आर्मोरर के जरिये कारतूस सप्लाई का लेखाजोखा दर्ज किया गया था। इसके बाद एसटीएफ ने 29 और 30 अप्रैल 2010 काे ताबड़तोड़ छापा मारकर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें बस्ती में तैनात रामकृपाल सिंह भी शामिल था।
विवेचक ने रामकृपाल सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। पुलिस के अनुसार उसने कबूल किया था कि मुख्य आरोपी यशोदानंद के कहने पर वह आकाश उर्फ गुड्डू के माध्यम से कारतूस और मैगजीन नक्सलियों को भेजता था।
ट्रायल के दौरान केस की न्यायालय में दो फाइल तैयार की गई थी, जिसमें सरकार बनाम रामकृपाल सिंह की फाइल में 25 अक्तूबर को गवाही की तारीख मुकर्रर है। इसमें रामकृपाल सिंह, यशोदानंद, शंकर राम और दिलीप कुमार का नाम शामिल है। दूसरी फाइल सरकार बनाम राज कुमार सिंह में राजेश शाही, राजेश कुमार, सुशील कुमार मिश्रा, अमर सिंह, जितेंद्र सिंह और आकाश उर्फ गुड्डू का नाम शामिल है। इसमें छह नवंबर को सुनवाई की तारीख है।