बस्ती। जिले में मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग जागरुकता कार्यक्रम व कार्यशाला के नाम पर लाखों खर्च कर रहा है। लेकिन किसानों को उन्नतशील किस्म का बीज वितरित नहीं कर पा रहा है।
विभाग द्वारा किसानों को निशुल्क बीज दिया गया था, उसका जमाव ही नहीं हुआ। जमाव न होने से परेशान किसान विभाग से शिकायत कर रहे हैं तो उनसे बीज का टैग मांगा जा रहा है।जिले में 583 एकड़ भूमि पर रागी (मडुआ) की खेती के लिए कृषि विभाग ने किसानों को बीज वितरित किया था। पहली बार कृषि विभाग से निशुल्क मडुआ का बीज पाकर गदगद किसान पूरे मनोयोग से अप्रैल व जुलाई माह में बुवाई कर अब तक बीज के जमाव का इंतजार कर रहे हैं। स्थिति यह है कि तमाम किसानों के खेत में एक भी पौधा नहीं उगा। परेशान किसान जब विभाग से शिकायत कर रहे हैं तो उनसे बीज का टैग मांगा जा रहा है। टैग सुरक्षित न रखने से किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है। इससे पहले भी किसानों को खराब धान का बीज वितरित किया गया था जिसका जमाव न होने पर विभाग सेशिकायत लेकिन कोई कार्रवाई होती नहीं दिखी।
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- एक एकड़ खेत में कृषि विभाग से प्राप्त मडुआ के बीज की बुवाई किया था। करीब दो महीने हो गए खेत में मडुआ की कोई पौध नहीं दिख रही है। इसकी शिकायत अफसरों से किया तो वह बीज का टैग मांगने लगे। टैग कहीं गुम हो गया। ऐसे में अफसर शिकायत मानने को तैयार नहीं हो रहे हैं।
-किसान वृजेंद्र कुमार, गौर
मोटे अनाज की पौष्टिकता को देखते हुए करीब डेढ़ बीघा रक्बे में मडुआ की बुवाई किया था। दो महीने से अधिक हो गया खेत में एक भी पौधा नहीं दिख रहा है। मामले की शिकायत उप निदेशक कृषि से किया था लेकिन वह टाल गए। इससे पहले धान के बीज का भी जमाव न होने की समस्या आई थी। अफसर किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हो रहे हैं।
-किसान राममूर्ति मिश्रा, सदर
- हाल ही में हमने खुद सिद्धार्थनगर के एक किसान के प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया है। जहां मडुआ के बीज का जमाव ठीक नहीं मिला। तीनों जिलों के जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि किसानों की शिकायत पर रिपोर्ट तैयार स्थिति से शासन को अवगत कराएं। इस कार्य में शिथिलता बरतने पर संबंधित अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी।
-अविनाश चंद्र तिवारी, संयुक्त निदेशक (कृषि)