बस्ती। बाइक चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। तीन महीने में 24 और तीन साल में 253 बाइक चोरी हो चुकी है। इनमें 189 बाइक पुलिस बरामद कर चुकी है। बरामदगी के आधार पर पाया गया कि सबसे ज्यादा ऐसी बाइक चोरी हुई हैं, जो तीन से पांच साल पुरानी हैं। जिसके लॉक पुराने या खराब हो चुके थे।
यानी उनमें कोई भी चाबी लगाने पर खुल जाते थे। कारीगर बताते हैं कि आजकल ज्यादातर बाइक की चाबी और लॉक एक साल पुराना होने पर घिस जाते हैं। उसको खोलना आसान होता है। पुलिस भी कहती है कि कंपनी के लॉक के अलावा वाहन में अतिरिक्त लॉक लगाकर रखें।
क्या कहते हैं मैकेनिक
- मोटर मैकेनिक विजय कुमार बताते हैं कि आजकल की बाइक की चाबी ऐसे मेटल की बनी होती हैं जिनके खांचे तीन चार साल में घिस जाते हैं। कई बाइक में पाया गया है कि उनमें कोई भी चाबी लग जाती है।
इन स्थानों से सबसे ज्यादा बाइक चोरी
- शहर में कचहरी, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, रेलवे स्टेशन, रोडवेज, गांधी नगर, रोडवेज नेहरू तिराहा के आसपास, मालवीय रोड पर निजी अस्पताल के आसपास, एलआईसी के पास, फव्वारा तिराहा मार्ट, पक्के पुलिस चौकी के पास, सब्जी मंडी, शास्त्री चौक आदि स्थानों से बाइक चोरी की घटनाएं होती रहती हैं।
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बदल जाती है दूसरे की बाइक
- कई बार चाबी घिसने की वजह से बाइक बदल जाने के मामले भी अक्सर सामने आते रहते हैं। एक जैसी दिखने वाली दो बाइक अगल बगल खड़ी रहने पर बाइक बदल जाती है। कई बार लोग भूल वश अपनी बाइक की जगह बगल में खड़ी दूसरी बाइक में चाबी लगाकर चल देते हैं। बाद में अहसास होने पर बदलने आते हैं।
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केस एक
- पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के सलिल कुमार सिंह का बेटा उनकी बाइक लेकर भागवत मार्केट में मोबाइल ठीक कराने गया। लौटकर आने पर बाइक गायब थी। काफी खोजबीन के बाद बाइक नहीं मिली। आसपास के सीसीटीवी कैमरे में एक व्यक्ति बाइक ले जाते दिखा। कुछ देर में पुलिस भी बुलाई गई। यह सब होने के दौरान वह बाइक लेकर एक आदमी निश्चिंत भाव से पहुंचा। उसे तब तक अहसास नहीं था कि वह दूसरे की बाइक लेकर चला गया है। लोगों के पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह भी दूसरे की बाइक मांगकर लाया था। बगल में खड़ी इस बाइक में चाबी लगाया और स्टार्ट हो गई।
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केस दो....
- शहरी क्षेत्र के रमेश कुमार गांधीनगर पुलिस चौकी के पास अपनी बाइक खड़ी करके सब्जी खरीदने चले गए। लौटकर आने पर एक दूसरी बाइक में चाबी लगाए और लेकर घर चले गए। उन्हें पता नहीं चला कि दूसरे की बाइक लेकर घर आ गए हैं। घर आने पर आठ साल के बेटे ने बताया कि पापा यह बाइक अपनी नहीं है। ध्यान से देखने पर उनके होश उड़ गए। कहीं पुलिस के चक्कर में न फंस जाएं इसलिए रात में ही बाइक लेकर कोतवाली पहुंचे। वहां पता चला कि उनकी बाइक पुलिस लावारिस में दाखिल कर चुकी है और जो बाइक वह ले गए थे,उसकी चोरी की एफआईआर लिखी जा चुकी थी।
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अतिरिक्त लॉक लगाना सबसे सुरक्षित
- बाइक को सुरक्षित रखने के लिए सबसे आसान तरीका है कि उसमें कंपनी के लॉक के अलावा एक अलग से लॉक लगाकर रखें। बाजार में कई तरह के सस्ते लॉक मिलते हैं। इसके अलावा शहर में कहीं भी बाइक खड़ी करके न चले जाएं। अगर आसपास स्टैंड या पार्किग हो तो वहां खड़ी करें। बाइक ऐसे जगह खड़ी करें जहां आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हों।
- गोपाल कृष्ण चौधरी, एसपी