बारिश पड़ रही रोडवेज डिपो पर भारी, घट गई आय
25 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कर दिया सरेंडर
प्रतिदिन एक लाख रुपये का हो रहा घाटा
सामान्य दिनों में दस लाख रुपये प्रतिदिन होती थी आमदनी
बस्ती। लॉकडाउन के बाद रोडवेज डिपो के पहिए कुछ गति पकड़े ही थे कि बारिश डिपो की आय पर भारी पड़ रही है।
कोरोना संक्रमण के बीच सरकार ने गाइडलाइन जारी कर डिपो को सेवा देने की अनुमति दे दी, लेकिन लॉकडाउन के दौरान डिपो को जो नुकसान हुआ है वह उसकी भरपाई नहीं कर पा रहा है। क्योंकि बारिश के चलते लोग यात्रा करने से बच रहे हैं। सामान्य दिनों की यदि बात की जाए तो प्रतिदिन लगभग दस लाख रुपये की डिपो को आय होती थी। लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद यह आय लगभग पांच लाख रुपये पर आकर रूक गई। अभी डिपो इस नुकसान से उबरने की कोशिश कर रही रहा था कि बारिश आ गई। इसके चलते डिपो को प्रतिदिन एक लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
आय कम होने की वजह से डिपो को बेडे़ में शामिल 25 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन को सरेंडर करना पड़ा। डिपो की ओर से यह दलील दी गई कि कोरोना संक्रमण के चलते कम यात्री आ रहे हैं। ऐसे में ये गाड़ियां डिपो के बेड़े में खड़ी हुई हैं, इनका संचालन नहीं हो रहा है। इनका टेक्स देना डिपो पर अतिरिक्त भार है। वर्तमान समय में डिपो के पास निगम व अनुबंधित की मिलाकर कुल 85 बसें हैं।