संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कृषि विभाग अपने ही फंदे में फंस गया है। इसीलिए खाद वितरण में हुई धांधली की जांच आगे नहीं बढ़ रही है। दो दिन पहले उर्वरक की दुकानों में अनियमितता पकड़ में आने के बाद कृषि विभाग बैकफुट पर आ गया है। जुलाई में विभाग की तरफ से वितरण की कराई जा रही नियमित जांच में सब कुछ ठीक बताया गया था।
इधर पता चल रहा है कि चुनिंदा कृषकों के नाम एक ही दुकान से 42- 42 बोरी खाद आवंटित कर दी गई है। इस खेल में ब्लॉकवार नियमित जांच की रिपोर्ट देने वाले एडीओ कृषि की भूमिका भी संदिग्ध लगने लगी है।
इसी वजह से अन्य दुकान और समितियों की जांच प्रक्रिया थम गई है। जुलाई में अप्रत्याशित यूरिया खाद की खपत हो गई। सहकारी समिति और निजी दुकानदार मिलकर 13 हजार एमटी खाद का गोलमाल किया है। इसमें चार हजार एमटी समितियों से और नौ हजार एमटी खाद निजी दुकानों से आवश्यकता से अधिक आवंटित बताई जा रही है। राज्य स्तरीय टीम की जांच में यह खुलासा हुआ कि दुकान और समिति से कुछ चहेते किसानों के नाम मानक से अधिक खाद का आवंटन किया गया है।
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