संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कुदरहा क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में महिला का ऑपरेशन के दौरान यूरिन नली काटने के मामले की जांच एक माह बाद भी लटकी हुई है। मामले में दो डिप्टी सीएमओ स्तर के अधिकारी बारी-बारी से छानबीन भी कर चुके हैं। बावजूद इसके विभाग किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाया।
जबकि पीड़ित महिला न्याय के लिए भटक रही है। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बाद भी आरोपी संचालक पर कोई असर नहीं पड़ा। अलबत्ता कुदरहा में वह बेखौफ होकर बदले हुए नाम से अस्पताल संचालित कर रहा है।
दो साल पहले कुदरहा के पिपराती चौराहे पर संचालित एक अस्पताल में महिला की बच्चेदानी में गांठ के ऑपरेशन के दौरान यूरिन नली काटने का मामला जनवरी माह के पहले सप्ताह में ही तूल पकड़ लिया। इस मामले में पीड़ित महिला की तरफ से पुलिस से शिकायत की गई।इसके बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दो स्तर से जांच शुरू हुई। मगर, दोनों विभाग एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोपकर ठंडे पड़ गए हैं।
पुलिस का कहना है कि विभागीय जांच स्पष्ट होने के बाद कार्रवाई आगे बढ़ेगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग पुलिस जांच पर निगाहे टिकाए हैं। हालांकि, शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह ने मामले की जांच शुरू की।
उन्होंने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी संचालक द्वारा नाम बदलकर कुदरहा में संचालित दूसरे अस्पताल का निरीक्षण किया। इसके बाद वह पीड़ित महिला से संबंधित बीएसटी न मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिए।
इसके बाद पीड़ित पक्ष ने मामले में लीपापोती की आवाज उठाई तो दोबारा दूसरे डिप्टी सीएमओ डॉ. एके चौधरी ने जांच की। इसमें पीड़िता से आरोपी संचालक की फोटो तस्दीक कराई गई तो पता चला कि संबंधित व्यक्ति वही है जिसने पहले पिपरपाती और बाद में कुदरहा में नाम बदलकर दूसरा अस्पताल खोल रखा है।रिपोर्ट अभी तैयार हो पाती कि जांच फिर बदलकर डॉ. एसबी सिंह के पास पहुंच गया।ं