कुदरहा, बस्ती। ब्लाॅक के कड़सरी मिश्र ग्राम पंचायत में बृहस्पतिवार को डीएम प्रियंका निरंजन की ओर से गठित टीम फर्जी जाॅब कार्डों व उन पर हुए भुगतान की जांच करने पहुंची। टीम स्थलीय जांच के साथ ही अभिलेखीय जांच भी किया। शिकायत के आधार पर ग्रामीणों से भी पूछताछ की। एक माह पहले कड़सरी मिश्र ग्राम पंचायत के लालचंद व मनिराम यादव ने डीएम से शिकायत कर पूर्व प्रधान पर आरोप लगाया था कि उन्होंने फर्जी जॉब कार्ड बनवा कर करोड़ोंं रुपये की बंदरबांट कर ली।
ग्रामीणों ने शिकायती पत्र में लिखा था कि पूर्व प्रधान ने ब्लाॅक के तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर अरविंद यादव से मिली भगत कर दो सौ फर्जी जाॅब कार्ड बनाया था। जीरो का खेल कर एक ही खाता संख्या पांच से छह जाॅब कार्डों पर फीड़ करा कर दो करोड़ से अधिक का गबन किया है। जाॅब कार्डों पर दर्ज खाता संख्या उसके परिवार के लोगों का है।
जाॅब कार्ड भी ऐसे नाम से बनाए गए हैं, जो उस गांव के हैं ही नहीं। इस शिकायत को संज्ञान में लेकर डीएम ने एसडीएम न्यायिक हर्रैया मनोज प्रकाश, उपायुक्त मनरेगा तथा प्रबंधक लीड बैंक अफसर को जांच दिया। जांच टीम कड़सरी मिश्र ग्राम पंचायत में पहुंची। शिकायत पत्र में लिखे गए जाॅब कार्ड धारकों के बारे में ग्रामीणों से पूछा तो लोगों ने बताया कि इनमें से एक भी जॉबकार्ड गांव का नहीं है। रोजगार सेवक से पूछने पर बताया कि इन मजदूरों का नाम उनके मनरेगा रजिस्टर में नहीं है। कैसे फर्जी जाॅब कार्ड बने जानकारी नहीं है ।इसके बाद जांच टीम ने पूर्व प्रधान पुत्र से पूछा तो वह चुप्पी साधे रहे ।
एसडीएम (न्यायिक) हर्रैया मनोज प्रकाश ने बताया कि अभी जांच चल रही है ।अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए संबंधितों को पत्र भी लिखा गया है। जल्द ही जांच पूरी कर आख्या रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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ग्रामीण दो वर्ष से कर रहे थे जांच की मांग
कड़सरी मिश्र गांव के लोग दो वर्ष से मनरेगा में हुए इस फर्जी जाॅबकार्ड और उस पर हुए भुगतान के जांच की मांग कर रहे थे। ब्लाक से लेकर जिले स्तर तक कई बार शपथ पत्र के साथ शिकायत भी किया था । जांच टीम भी एक वर्ष पहले गठित हुई थी, लेकिन जांच नहीं हो सकी थी।