धरती की सेहत सुधारने के लिए होगी पहल
बस्ती। पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन और सामाजिक समरसता जैसे आम नागरिकों से जुड़े अभियानों के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने धरती की सेहत को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस अभियान के तहत भूमि प्रदूषण रोकने की दिशा में भी काम होगा। इसके लिए संघ की ओर से नववर्ष प्रतिपदा पर भूमि सुपोषण महाअभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान गांव स्तर पर मंगलवार से शुरू होगा।
संघ विचारक और पूर्व सह प्रांत प्रचार प्रमुख गोरक्ष प्रांत प्रेरक मिश्र ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश में राष्ट्रवाद के साथ-साथ लोगों से सीधे सीधे जुड़े विषय हाथ में ले रहा है। संघ ने पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता पर काम किया। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में निर्णय लिया गया कि देश में प्रदूषित जल, रासायनिकों के उपयोग, सिंगल यूज प्लास्टिक सहित विभिन्न कारणों से भूमि जहरीली हो रही है। जमीन कुपोषित होकर खराब हो रही है, जिससे उत्पन्न होने वाले अन्न की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। यह सीधे-सीधे लोगों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में संघ ने इसे ठीक करने के लिए अभियान शुरू करने निर्णय लिया।
ऐसे में संघ ने वर्ष प्रतिपदा से अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके पीछे यह कारण है कि वर्ष प्रतिपदा के दिन भूमि दिवस माना जा रहा है। समग्र ग्राम विकास प्रमुख गोरक्ष प्रांत रविशंकर ने बताया कि संघ की दृष्टि ग्राम विकास पर है। संघ की ओर से गौ आधारित खेती, जलस्रोत बढ़ाने, सामाजिक समरसता बढ़ाने का कार्यक्रम शुरू किया किया गया है। अब भूमि की शुद्धि के लिए भूमि सुपोषण अभियान शुरू किया जा रहा है। इसमें गायत्री परिवार, पतंजली योग पीठ जैसी धार्मिक सामाजिक संस्थाएं भी सहयोग कर रही हैं।
प्रेरक मिश्र ने बताया कि भूमि सुपोषण अभियान के तहत जिले के सभी गांवों में खेत की मिट्टी का पूजन होगा। इसके साथ ही गो-माता का पूजन, जैविक कृषि, गो-आधारित कृषि तथा भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया जाएगा। किसानों और आम नागरिकों को समझाया जाएगा कि भूमि का दोहन करें, शोषण नहीं।