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सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ लामबंद हुए कर्मी

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सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ लामबंद हुए कर्मी
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बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मी लामबंद हो गए हैं। शनिवार से इन कर्मियों ने मेडिकल कॉलेज में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। कर्मियों का आरोप है कि डूडा की सेवा प्रदाता कंपनी उन्हें अधिक मानदेय देती थी, मगर बिना सूचना के ही उसे हटाकर नए प्रदाता कंपनी को काम दे दिया गया, जो न्यूनतम मजदूरी से कम मानदेय देगी, जिसका एप पर मानदेय दर्शाया गया है। इसे लेकर कर्मियों ने डीएम को पत्र भेजकर न्यूनतम मानदेय तय कराने की मांग उठाई है।
कर्मी आदित्य शुक्ल आदि ने बताया है कि 2019 से ओपेक चिकित्सालय में महर्षि वशिष्ठ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की ओर से लैब अटेंडेंट, वार्डबॉय, वार्ड आया, अर्दली के पदों पर शहरी आजीविका केंद्र डूडा के माध्यम से फरवरी/मार्च 2019 से सेवा दे रहे हैं। संज्ञान में आया की सेवा प्रदाता परिवर्तन करते हुए दूसरी कंपनी को काम दे दिया गया है। इस ने तैनात कर्मियों को एप के माध्यम से मानदेय राशि 7306 व 6600 रुपये प्रस्तावित किया गया जबकि पूर्व सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से 10468 रुपये भुगतान किया जा रहा था। नई सेवा प्रदाता कंपनी के प्रस्तावित मानदेय श्रम विभाग के न्यूनतम वेतन से बहुत ही कम है। यही नहीं शहरी आजीविका केंद्र डूडा ने कर्मियों की भविष्य निधि का धन ईपीएफ खाते में भी पूरा नहीं भेजा है। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उचित कार्रवाई न हुई तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यक्रम में प्रदर्शन करेंगे।
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धरना में शिव शरन, दीपधर दुबे, मदन सिंह, राम नयन, विशाल चौधरी, मनोज तिवारी, राधेश्याम, शिव कुमार दूबे, राम लगन, संतोष, गंगासेन, बृजभूषण तिवारी, पवन कुमार सहित तमाम कर्मी मौजूद रहे।
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