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तमाम कवायद कागजी, हटा नहीं तालाबों से अतिक्रमण

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सूखा चंदो ताल। - फोटो : BASTI
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तमाम कवायद कागजी, हटा नहीं तालाबों से अतिक्रमण
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ठंडे बस्ते में चली गई तालाबों की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। नगर पालिका क्षेत्र में मौजूद तालाबों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। भू-माफिया इन्हें पाट रहे हैं। किसी ने बिल्डिंग बना रखी है तो कोई बेतहाशा कब्जा कर रहा है। जिम्मेदार इसे लेकर गंभीर नहीं है। कुछ दिन तक यदि यही स्थिति रही तो कई तालाबों का अस्तिव खत्म हो जाएगा। इन तालाबों के बारे में जिला प्रशासन को भी जानकारी है, लेकिन तमाम कागजी कवायदों के बावजूद अतिक्रमण नहीं हट सका है।
शहर में करीब नौ तालाब थे। इसमें से महज पांच ही अस्तित्व में हैं। ये तालाब धीरे-धीरे समाप्ति की तरफ हैं। नगर पालिका के अभिलेख में दर्ज महरीखांवा तालाब पर अतिक्रमण है। यहां तक की कई मकान भी बना लिए गए हैं। यही स्थिति टाउन क्लब के पीछे स्थित तालाब का है। अतिक्रमण के चलते यह तालाब सिकुड़ता जा रहा है। तालाब के बगल बसे लोग इसे पाटने पर तुले हैं। मरवटिया राजा स्थित तालाब भी अस्तित्व की बांट जोह रहा है। गांवगोड़िया व तुरकहिया स्थित तालाब की भी दशा दयनीय है। इन तालाबों को अब तारणहार का इंतजार है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी कहते हैं कि जल्द ही तालाबों की जांच होगी। त्योहार के चलते विलंब हुआ है। कहा कि जिन लोगों ने तालाबों पर अतिक्रमण किया है, उनपर कार्रवाई की जाएगी।
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ठंडे बस्ते में चली गई तालाबों की जांच
तालाबों पर अतिक्रमण को लेकर तत्कालीन डीएम माला श्रीवास्तव ने गंभीरता दिखाई थी। जांच के लिए उन्होंने लगभग दो माह पूर्व तीन सदस्यीय टीम बनाई थी। इसमें एडीएम, एसडीएम सदर, ईओ नगर पालिका को शामिल किया गया था। इसी बीच डीएम का स्थानांतरण हो गया और जांच ठंडे बस्ते में चली गई।
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