सरकारी अस्पतालों में वायरल-बुखार से पीड़ितों की बढ़ी भीड़
चिल्ड्रेन वार्ड में बढ़ रहे हाईग्रेड फीवर के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वायरल बुखार, उल्टी-दस्त की चपेट में बड़े से लेकर बच्चे तक आ रहे हैं। इसका असर सात से 10 दिन तक बरकरार रहता है। बदन दर्द, अकड़न और कमजोरी से लोगों को चलने में कठिनाई हो रही है। अस्पताल में ऐसे मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। बच्चे हाईग्रेड फीवर के ज्यादा शिकार हो रहे हैैं। इनमें जेई-एईएस के भी लक्षण पाए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बाल रोग विभाग और मेडिसिन फिजिशियन विभाग में मरीजों की भीड़ बढ़ी हुई है। यहां वायरल बुखार और उल्ट- दस्त के 100 से अधिक मरीज देखे जा रहे हैं। फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि प्रतिदिन वायरल बुखार से पीड़ित 50 से 60 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। यदि तीन से लगातार बुखार बना हुआ है तो तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए। मौसम में उतार-चढ़ाव की वजह से भी यह बीमारी तेजी से पनप रही है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सरफराज ने बताया कि इस मौसम में संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। बचाव ही सबसे अच्छा तरीका है। ओपीडी में प्रतिदिन 40 से 50 बुखार से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। हाईग्रेड फीवर से ग्रसित बच्चों को तत्काल भर्ती किया जा रहा है। हाईग्रेड फीवर से ग्रसित 20 से अधिक बच्चे पीआईसीयू वार्ड में भर्ती हैं।
छह बच्चे अब तक एईएस और जेई पॉजिटिव भी मिल चुके हैं। कुछ अन्य बच्चों में एईएस-जेई के लक्षण पाए गए हैं, लेकिन, उपचार होने के बाद सभी स्वस्थ हो गए। मेेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में भी ज्यादातर मरीज बुखार और उल्टी-दस्त के पहुंच रहे हैं। डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि आजकल पानी का सेवन उबालकर ही करें। इससे बीमारियों से बचा सकता है। घरों में अथवा आसपास सफाई पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।