- गर्मी के चलते बढ़ने लगी आंखों की बीमारी
- हवा व धूल के कण बढ़ाते हैं आंखों मे जलन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अप्रैल-मई में तेज धूप और धूल से बचें अन्यथा एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना) के चलते परेशान हो सकते हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही आंखों की बीमारियां भी बढ़ने लगती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि कुछ सामान्य सावधानी रखने भर से इस समस्या से बचा जा सकता है। इसके बाद भी अगर किसी प्रकार की दिक्कत हो तो स्वयं के अनुभव से आंख में कोई दवा डालने के बजाय डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
जिला अस्पताल नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शारिब सुहेल बताते हैं कि अप्रैल में पछुआ हवा चलती है। उसके साथ धूल के भारी कण भी उड़ते हैं । गेहूं की मड़ाई के चलते वातावरण में धूल और धुआं का असर रहता है। इस दौरान बाइक चालकों के अलावा अन्य लोगों को दिक्क्त होती है।
मेडिकल कॉलेज के पूर्व नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वीपी त्रिपाठी बताते हैं कि बाइक चलाते समय तेज हवा के साथ धूल के कण आंखों में जाते हैं। इससे जलन और दर्द होता है। अगर आंख को रगड़ दिया जाए तो इससे सूजन, लाली और अन्य प्रकार की दिक्कतें हो जाती हैं। इन दिनों आंख लाल होना, आंख में दर्द-जलन आदि की शिकायतें बढ़ जाती हैं। एक चौथाई मरीज केवल इस एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस के ही होते हैं। इसलिए इस मौसम में आखों की विशेष देखभाल करनी होती है।
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बचाव के लिए यह करें उपाय
- घर से बाहर निकलते, बाइक चलाते समय चश्मे का प्रयोग जरूर करें।
-आंख में धूल के कण पड़ जाएं तो रगड़ने के बजाय ठंडे पानी से धो दें।
-जब भी बाहर से घर लौटें तो साफ ठंडे पानी से आंखों को धोएं।
- आंख में दर्द है तो कपड़े में बर्फ लपेटकर धीरे-धीरे आंख की सेंकाई करें।
- बिना डॉक्टर से दिखाए आंख में किसी प्रकार की दवा न डालें।
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