कोहरे के चलते सूरज का तीन दिन से दर्शन नहीं हो पा रहा है। अधिकतम तापमान में गिरावट जारी है। इस दौरान चार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने पर गलन बढ़ गई है। हालांकि नगर पालिका को ठंड आने की जानकारी नहीं है। कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
रविवार को अधिकतम तापमान जहां 28 डिग्री सेल्सियस था वहीं सोमवार को घटकर 25 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी लगातार घट रहा है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 14, शनिवार को 13, रविवार को 12 के बाद सोमवार को 11 डिग्री सेल्सियस पर आ पहुंचा। इस दौरान हवाओं की गति तीन किमी प्रतिघंटा से बढ़कर चार किमी. प्रतिघंटा हो गई। हवा की गति बढ़ने से कोहरे का प्रभाव तो कम हुआ लेकिन गलन बढ़ गई है। कोहरा पड़ने से किसानों में खुशी है। गेहूं जैसी फसलों के कोहरा बरदान होता है।
रविवार की सुबह घना कोहरा और उस पर कड़ाके की ठंडक ने लोगों को हिला कर रख दिया। सोमवार सुबह कोहरे का प्रकोप कम था पर गलन बढ़ने से वॉकिंग करने वालों की संख्या घट गई। शाम होते होते फिर हर कोई ठंड से बचने का उपाय करता नजर आया। गांव और कस्बों में विभिन्न स्थानों पर लोग अलाव भी तापते नजर आए। ठंड बढ़ने के साथ ही गर्म कपड़े की बिक्री ने भी बढ़ गई। दुकानों पर लोग ऊनी कपड़े आदि खरीदते नजर आए। नगर बाजार से आए रामानंद ने बताया कि देहात में तो और ठंड है। नोट किल्लत के चलते सस्ते ऊनी कपड़े लेकर काम चला रहा हूं। जबकि गिदही पावरहाउस के पास रहने वाली मालती और कटरा में रहने वाली आशा देवी ने कहा कि इस नोट किल्लत में बड़े तो किसी तरह काम चला ले रहे हैं जबकि बच्चे मानते ही नहीं। मजबूरन काम चलाने लायक स्वेटर खरीद रहे हैं।
सरकारी व्यवस्था के जिम्मेदारों को अभी गरीबों की ठंड का एहसास नहीं है। रैन बसरे ही नहीं नगर पालिका अभी तक अलाव की व्यवस्था तक नहीं कर सका है। इस बाबत ईओ डॉ. आरपी श्रीवास्तव का कहना है कि शहर में 30-40 जगह अलाव जलाया जाता है। लकड़ी खरीद के लिए अभी टेंडर का प्रस्ताव नहीं हो सका है। जल्द ही व्यवस्था होगी। फिलहाल कुछ पुरानी लकड़ियां हैं।
ठंड : जोड़
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कंबल के लिए 20 लाख आवंटित
गरीबों, निराश्रितों और बेसहारा लोंगों को ठंड से बचाने के लिए सरकार ने आपदा निधि से जिले को 20 लाख आंवटित किया है। प्रशासन को धन मिल भी गया। एडीएम संतोष राय ने बताया कि जो धन मिला है, उससे 5043 कंबल खरीदे जाएंगे।
सोमवार को एडीएम ने बताया कि लखनऊ की यूपिका हैंडलूम को कंबल आपूर्ति करने का आदेश दिया गया है। कंबल वितरण को लेकर सोमवार को एडीएम की अध्यक्षता में सभी एसडीएम की बैठक हुई। बैठक में एडीएम ने सभी एसडीएम को कंबल के लिए पात्रों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। कहा गया कि कंबल बांटने में विकलांग, निराश्रित और विधवाओं को प्राथमिकता दी जाएग। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि जिन लोगों को पहले कबंल मिल चुका है, उन्हें न दिया जाए। हर्रैया के एसडीएम हरिश्चंद्र सिंह ने तहसील बड़ा होने के कारण सबसे अधिक मात्रा में कंबल देने की मांग की। एडीएम ने बताया कि एक कंबल की लागत 395 रुपये है। कहा कि जिस कंबल का चयन चयन समिति ने किया, उसकी गुणवत्ता उच्च स्तर की है। बताया कि 10 दिसंबर तक जिले में कंबल की आपूर्ति हो जाएगी। ठंडक को देखते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी एसडीएम, तहसीलदार और नगरपालिका एवं नगर पंचायतों के ईओ को अलाव जलाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गएं हैं।