हर्रैया। पैकोलिया थाना क्षेत्र के हसीनाबाद बाजार से बृहस्पतिवार को होटल व्यवसायी हरिकेश यादव के अपहरण की थ्योरी सुलझाना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर बन गई है।
पुलिस पीड़ित के बयान पर पूरा यकीन इसलिए नहीं कर पा रही है, क्योंकि जिस अभिमन्यु सिंह से अपहरणकर्ताओं की मोबाइल पर बुधवार रात को बहस हुई थी, उसके बदले हरिकेश का अपहरण क्यों किया गया। लोगों का कहना है कि होटल व्यवसायी व अपहरण करने वाले आरोपियों में पहले खूब पटती थी। पुलिस को छोटी बात पर अपहरण कर पीटने की घटना गले नहीं उतर रही है।
बता दें कि अमारी बाजार में होटल चलाने वाले हरिकेश यादव मूल रूप से पूरे बेचू गांव का रहने वाला है। इसके पिता कोटेदार थे। आसपास के लोगों का कहना है कि हरिकेश की सोहबत अच्छी नहीं है। होटल का कारोबार करते हुए उसकी दबंग व आपराधिक प्रवृति के लोगों से पहचान हो गई। 21 जून 2025 को परशुराम थाना क्षेत्र के गोपीनाथपुर बाजार से जीतीपुर यूपी बड़ौदा ग्रामीण बैंक के प्रबंधक रवि तिवारी का अपहरण कर लूटपाट की घटना में शामिल अभिमन्यु सिंह से हरिकेश की जान पहचान है।
घटना के एक दिन पहले वाली रात को अभिमन्यु होटल पर आया था। लोगों का कहना है कि लूट की घटना में जेल से छूटने के बाद से हरिकेश का झुकाव अभिमन्यु की तरफ अधिक हो गया था। उसके पुराने दोस्त विनोद व आदित्य को यह बात नागवार लगने लग रही थी। बुधवार को मोबाइल पर अभिमन्यु के साथ आदित्य और उसके साथी विनोद के बीच गाली गलौज व एक-दूसरे को देख लेने की धमकी के बाद अभिमन्यु से नजदीकी के चलते हरिकेश पुराने दोस्तों के निशाने पर आ गया।
कहा तो भी जा रहा है कि बहस में कथित रूप से हरिकेश भी शामिल था, इसीलिए नाराज पुराने दोस्तों ने क्षेत्र में वर्चस्व बनाने के लिए बृहस्पतिवार को सुनियोजित ढंग से हरिकेश का अपहरण करते हुए पिटाई की और घटना का वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। पीड़ित के भाई की तहरीर पर दर्ज प्राथमिकी में विनोद, आदित्य व सोनू चौधरी के बारे में लोग कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। कुरेदने पर कुछ लोगों ने कहा कि तीनों आपराधिक प्रवृति के हैं और युवाओं को जोड़कर क्षेत्र में धाक कायम करने के लिए वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस के पहुंच से दूर नहीं हैं आरोपी : सीओ : अमारी बाजार में होटल व्यवसायी हरिकेश यादव का अपहरण कर फिल्मी स्टाइल में दबंगई करते हुए घटना स्थल हसीनाबाद में छोड़ जाने की घटना में शामिल आरोपी 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। हालांकि, क्षेत्राधिकारी स्वर्णिमा सिंह ने कुछ आरोपियों के पुलिस के रडार में होने का दावा किया है।
सीओ का कहना है कि शुरुआती जांच-पड़ताल में आरोपियों व पीड़ित के बारे में चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। सभी आरोपियों की पहचान हो चुकी है। जल्द ही सभी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।