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परिषदीय स्कूलों में पहले ही दिन अघोषित छुट्टी

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बनकटी क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल के परिसर में भरा पानी। - फोटो : amar ujala
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बस्ती। परिषदीय स्कूल सोमवार से खुल गए। बारिश होने के चलते स्कूलों में बहुत कम उपस्थिति रही। हालांकि, शिक्षक समय से स्कूल पहुंच गए थे। कई स्कूलों में पानी भरा होने से बच्चों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। 
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शहर के ज्यादातर स्कूलों की स्थिति सामान्य रही। लेकिन ग्रामीणांचल के स्कूलों में अघोषित अवकाश जैसा माहौल था। बनकटी में एक दो विद्यालयों को छोड़ कर अधिकतर में बहुत कम संख्या में बच्चे दिखे। प्राथमिक विद्यालय बखरिया साढ़े 11 बजे बंद रहा जबकि बच्चे स्कूल में खेल रहे थे। बच्चों को कहना था कि मैडम जी अभी बंद कर जा रही हैं। रौतापार के हेडमास्टर दुर्गेश राव, धर्मेन्द्र कुमार उपाध्याय ने बताया कि पहले दिन ही बारिश से बच्चे नहीं आए। खरवनिया, दुबौली, देईसाड़, गंगौरी, गंगौरा, मकदुमपुर, मथौली आदि प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में भी संख्या न के बराबर रही। बीईओ गरिमा यादव ने बताया कि सुबह आठ से दोपहर एक बजे का विद्यालय है। बारिश से बच्चे नहीं आए हैं। शिक्षकों के नहीं आने की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 
मुंडेरवा क्षेत्र के आदर्श जूनियर हाईस्कूल अहरा, लोहदर, मुंडेरवा, जगदीशपुर, बढ़या विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति न के बराबर रही। परिसर में पानी भर जाने से गंदे पानी से होकर जाना पड़ा। कुछ ऐसे ही हालात टिनिच क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बेतौहा, अजगैवाजगंल, भदना, अर्जुन बीरो व उच्च प्राथमिक विद्यालय के रहे। जहां शिक्षक तो पहुंचे लेकिन बच्चे ही नहीं आए। सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक प्राथमिक विद्यालय चौकवा में उपस्थिति कम रही। प्रधानाध्यापक लालमणि ने बताया कुल 40 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन 10 ही उपस्थित हैं। रमवापुर बाबू 205 बच्चों में से मात्र छह ही स्कूल पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय बघौडी, जसोवर, चौरा, अमरौली-शुमाली, तेलियाडीह में भी बच्चों के आने का शिक्षक इंतजार करते रहे। 
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महराजगंज प्रतिनिधि के मुताबिक हर्रैया ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय निपानिया में स्कूल खुला था। प्रधानाध्यापक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि सिर्फ पांच बच्चे ही आए। इसी तरह सकरदहा में प्रधानाध्यापक डॉ. योगेश कुमार सिंह ने बताया कि पंजीकृत 78 में मात्र 11 बच्चे स्कूल पहुंचे। उभाई में पंजीकृत 245 बच्चों में मात्र 20 बच्चे स्कूल आए। बभनान नगर पंचायत क्षेत्र में भी पठन-पाठन कार्य नहीं शुरू हो पाया। प्राथमिक विद्यालय बभनान प्रथम में कुल 44 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रधानाध्यापक शैलेश कुमारी ने बताया कि बारिश के चलते एक भी छात्र विद्यालय नहीं पहुंचा। जूनियर हाईस्कूल बभनान के प्रधानाध्यापक मुख्तार अहमद ने बताया की रसोइया को छात्रों को बुलाने के लिए भेजा गया है। बरसात के चलते बच्चे नहीं आ सकें है ।



नहीं खुला बीईओ के दफ्तर का ताला
दुबौलिया। ग्रीष्मावकाश के बाद सोमवार को परिषदीय स्कूल खुल गए। बारिश के चलते ब्लॉक क्षेत्र में कम संख्या में बच्चे पहुंचे। जबकि जिम्मेदार के कार्यालय का ताला ही नहीं खुला। 
 दो जुलाई को परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई की शुरुआत हुई। तमाम स्कूलों में पानी भरने तथा कम बच्चों के आने से व्यवस्था फेल रही। खंड शिक्षा अधिकारी खुद ही अपनी जिम्मेदारी से बेपरवाह नजर आए। उनके कार्यालय का ताला ही सुबह पौने 11 बजे तक नहीं खुला था। योगी सरकार परिषदीय शिक्षा व्यवस्था को सुधारने में नित नए प्रयास कर रही है। लेकिन जिम्मदार ही पलीता लगा रहे हैं। बीआरसी के आसपास के लोगों ने बताया कि आज खंड शिक्षा अधिकारी व अन्य स्टाफ नहीं आए हैं। सूत्रों के मुताबिक बीईओ गोरखपुर से आते जाते हैं। बीईओ ध्रुव प्रसाद जायसवाल से सीयूजी नंबर पर किसी तरह बात हो सकी। कार्यालय का ताला नहीं खुलने पर बीईओ का जवाब था कि एक शिक्षक की तैनाती है। हो सकता है कि अपने स्कूल गए हों। कम्प्यूटर ऑपरेटर कहीं दाएं-बाएं होगा। पहले दिन विद्यालयों के निरीक्षण के सवाल पर नाराज हो गए। कहा कि आज बरखा का दिन है। स्कूल खुल रहे होंगे। अध्यापक साफ-सफाई कर रहे होंगे।
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