रोडवेज के पास एटीएम से रूपया निकालने के लिए लगी भीड़।
शहरी क्षेत्र में बैंकों की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। उनके खाताधारकों को सरकार के निर्देशानुसार धनराशि मिलने लगी है, मगर देहात के बैंक माने जाने वाले पूर्वांचल बैंकों में दिक्कत बरकरार है। हालत यह है कि एक एक हफ्ते बाद लोगों को यहां से रकम मिल भी रही है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक पूर्वांचल बैंक की शाखाओं के जरिए लेनदेन का काम होता है। ग्रामीण क्षेत्र में इस बैंक की 50 से अधिक शाखाएं है। नोट बंदी केे बाद से पूर्वांचल बैंक के ग्राहक सबसे अधिक परेशान है, क्योंकि बैंक का खुद का चेस्ट न होने से उसे आरबीआई से सीधे कैैश नहीं मिल पा रहा है। कैश के लिए उसे एसबीआई के आगे अपनी झोली फैलानी पड़ रही है। ऐसे में पूर्वांचल बैंक में कैश का संकट निरंतर बना हुआ है। इस बैंक में कैश वितरण का हाल यह है कि गनेशपुर स्थित शाखा में केवल सोमवार को ही रकम का भुगतान किया जा रहा है, वह भी महज दो दो हजार रुपये। पूर्वांचल बैंक पक्का बाजार, देईसाडं, बनकटी, महादेवा, बानपुर का भी यही हाल है, सप्ताह में एक दो बार भी रकम का भुगतान हो रहा है। रकम का नियमित व पर्याप्त भुगतान न होने से ग्रामीणों का गुस्सा निरंतर बढ़ता ही जा रहा है। आए दिन सड़क जाम कर पब्लिक विरोध प्रदर्शन कर रही है,