आईजीआरएस : जिले के आठ अधिकारियों का वेतन रुका
- आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर डीएम ने की कार्रवाई
- एक्सईएन आईआरडी, बीडीओ कुदरहा के अलावा छह अधिकारियों की मिली शिथिलता
बस्ती। आईजीआरएस पोर्टल को पिछले कई दिनों से लॉगिन न करने तथा प्राप्त शिकायतों को निस्तारण के लिए समय से संबंधित अधिकारी को न भेजने पर डीएम प्रियंका निरंजन ने सीवीओ सहित आठ अधिकारियों के वेतन अगले आदेश तक रोक दिया है।
डीएम शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यक्रमों के प्रगति की समीक्षा कर रही थीं। समीक्षा में उन्होंने पाया कि निस्तारित शिकायतों में लगभग 50 प्रतिशत शिकायतों का फीडबैक शिकायतकर्ता की ओर से शासन के अधिकारियों को असंतोषजनक दिया गया है। इन स्थितियों से खफा डीएम ने अधिशासी अभियंता आरईडी, अधिशासी अधिकारी नगरपंचायत रूधौली, सीडीपीओ सल्टौआ एवं हर्रैया, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास तथा सीवीओ, बीडीओ कुदरहा का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरणों को भी समय से निस्तारित न करने पर नाराजगी जताई। अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेंडम आधार पर निस्तारण रिपोर्ट पोर्टल पर फीड करने से पहले एक बार शिकायतकर्ता से फोन पर वार्ता करके निस्तारण की स्थिति जान लें। एसडीएम को निर्देश दिया कि जनहित गारंटी अधिनियम से आच्छादित ई डिस्टिक सेवाओं आय, जाति, निवास, मुख्यमंत्री खेत खलिहान, अग्निकांड, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना, लाउडस्पीकर, दिव्यांग प्रमाणपत्र के लंबित प्रकरणों की जानकारी लेकर समय से निस्तारण सुनिश्चित करें। सीएमओ को दिव्यांग प्रमाणपत्र के मामलों को तत्काल निस्तारित करने का निर्देश दिया है। डीएम ने नगर पंचायत व पालिका को निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एसडीएम को निर्देश दिया कि चारों तहसील में लंबित पांच हजार से अधिक निर्विवाद, खारिज दाखिल के मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करें। संचालन एडीएम वित्त अभय कुमार मिश्र ने किया। इस मौके पर सीआरओ नीता यादव, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमृत पाल कौर, एसडीएम सदर शैलेष दुबे, जीके झा, आनंद श्रीनेत, तहसीलदार सुधांशु, सत्येंद्र कुमार, डीडीओ अजीत श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।