बस्ती। रुकना नहीं है। आइए, पैसा जमा करिए... नंबर नोट कराइए, पर्ची लीजिए और चले जाइए। एक घंटे के बाद यदि आपकी किस्मत ने साथ दिया तो 12 के बदले 100 लीजिए...। वरना फिर से भाग्य आजमाइए या घर बैठ जाइए यह आपकी मर्जी...। हां, आपको प्रत्येक घंटे का लकी ड्रा नंबर जानने के लिए दोबारा नहीं आना पड़ेगा। बस मोबाइल क्लिक करिए और रिजल्ट जान लीजिए। कभी खुशी, कभी गम वाले ये अड्डे शहर में एक-दो नहीं कई जगहों पर संचालित हैं।
अब तो आप समझ ही गए होंगे कि आखिर यह है क्या? जी हां! अपने शहर में ऑनलाइन लाॅटरी का धंधा...। जुआरियों के बीच यह लक इंडिया गेम के नाम से प्रचलित है। दिन भर में दस राउंड का यह गेम सुबह नौ बजे से शुरू होता है। पहले राउंड का लकी ड्रा 10 बजे होता है। इसके बाद हर घंटे पर लकी ड्रा है और यह शाम 7 बजे समाप्त होता है। नंबर भी दस होते हैं, 0 से 9 तक। इनमें से किसी भी नंबर पर दांव लगा सकते हैं। प्रत्येक नंबर की बोली 12 रुपये लगती है। लकी ड्रा होने पर 100 रुपये मिलते हैं। यह खेल बहुत गोपनीय ढंग से होता है। ताकि कोई साक्ष्य प्रतीत न हो। यदि आप नए खिलाड़ी हैं तो इस ऑनलाइन लाॅटरी के अड्डे पर पहली बार किसी परिचित जुआरी के साथ ही जा सकते हैं। बोलचाल की भाषा में जिस नंबर पर जितना टिकट आप लेंगे, 12 रुपये के हिसाब से पैसा संबंधित राउंड के लकी ड्रा होने से पहले जमा करना होगा। बदले में नंबर और टिकट संख्या लिखी हुई एक छोटी सी कागज की पर्ची मिलती है। नंबर ड्रा होने पर इसी पर्ची के आधार पर भुगतान होता है। लाटरी संचालित करने वाले एजेंट के पास एक पतली कापी होती है। उस में प्रत्येक राउंड का हिसाब होता है। पुराने खिलाड़ियों की टिकट संख्या और नंबर पैसा जमा होने के बाद इसी कापी पर दर्ज हो जाता है। उन्हें पर्ची नहीं मिलती है। लकी ड्रा होने पर सीधे भुगतान कर दिया जाता है। जीत-हार के इस खेल में न जाने कितने शोहदे लती हो गए हैं। पूरे दिन इस अड्डे पर उनका आना-जाना लगा रहता है। इसके जरिए कारोबारियों की अच्छी-खासी कमाई रोज हो रही है। संबंधित क्षेत्र की पुलिस से उनकी साठगांठ भी तगड़ी रहती है। इस वजह से यह धंधा पकड़ में नहीं आता है।
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ये हैं लाॅटरी के प्रमुख अड्डे
पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में बमुश्किल तीन सौ मीटर दूर न्यू कालोनी रानी पोखरा मोहल्ले में घनी आबादी के बीच एक कमरे में लक इंडिया लाॅटरी का धंधा रोज चल रहा है। यहां जुआरियों का आना-जाना पूरे दिन बना रहता है। मोहल्लेवासियों की मानें तो नशे की हालत में यहां आने वाले जुआरी महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं। इसके अलावा मोहल्ले के किशोर और युवा वर्ग लाॅटरी के लती भी बन रहे हैं। दूसरा अड्डा बरदहिया बाजार है। यहां एक एजेंट चाय पान की दुकानों पर नंबर लगाता है। वह अपना अड्डा 500 मीटर की रेंज में बदलता रहता है। रौता चौराहा, बड़ेवन, गांवगोड़िया, गांधीनगर सब्जी मंडी, भटोलवा दक्षिण दरवाजा चौराहे के आसपास भी लक इंडिया के एजेंट सक्रिय रहते हैं। एजेंट कारोबारी तक प्रत्येक घंटे की टिकट बिक्री का ब्योरा लकी ड्रा होने के दो-तीन मिनट पहले तक व्हाट्सएप के जरिए भेज देते हैं।
कानून की दृष्टि में लॉटरी सरासर गलत
शासन ने लाॅटरी को प्रतिबंधित कर दिया है। यह जुआ की श्रेणी में आता है। इसका लती बनने से व्यक्ति बर्बाद हो जाता है। गलत आदतों के चलते उसका घर-परिवार भी प्रभावित होता है। कई बार बड़ी रकम हारने के बाद लोग अवसाद में चले जाते हैं। जुआ और लाॅटरी के चलते आत्महत्या जैसी घटनाएं भी होती हैं। कानून की दृष्टि में ऐसे कारोबार सरासर गलत है। -प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, पूर्व सहायक शासकीय अधिवक्ता, बस्ती।
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प्रकरण की जानकारी नहीं है। यदि ऑनलाइन लाॅटरी की धंधा चलाया जा रहा है तो जल्द ही छापेमारी कर इस पर कड़ी कार्रवाई होगी। किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा।
-आलोक प्रसाद, सीओ सिटी, बस्ती।