बस्ती। जिले में गोआश्रय केंद्रों की स्थिति दयनीय है। क्षमता के मुताबिक गोआश्रय केंद्रों पर पशु संरक्षित नहीं है। कई जगह तो व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ नहीं है। आलम यह है कि एक अस्थायी गोआश्रय केंद्र पर संरक्षित पशुओं की संख्या घट गई तो वहां से दूसरी जगह पशुओं को शिफ्ट करते हुए उसे बंद करा दिया गया है। साथ ही अन्य केंद्रों की निगरानी शुरू कर दी गई है। साल 2019 से छुट्टा पशुओं को संरक्षित किए जाने की योजना शासन ने संचालित है। इसके तहत जिले में 65 केंद्र संचालित हैं। जहां पशुओं को संरक्षित किया जा रहा है। कम संख्या मिलने पर एक केंद्र को बंद करवा दिया गया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि शासन के अदेशानुसार 30 से कम पशु संख्या वाले केंद्रों की सूची तैयार की जा रही है। निरीक्षण में सदर ब्लॉक के चितरगड़िया गोआश्रय केंद्र में 30 से कम पशु पाए गए। यहां सिर्फ 28 थे। जिसके बाद उन पशुओं को बगल के गो आश्रय स्थल कोइलपुरा में शिफ्ट करते हुए उसे बंद करवा दिया गया है। संवाद